छत्तीसगढ़ की सत्ताधारी पार्टी भाजपा को वनांचल में बड़ा झटका लगा है। दरअसल दंतेवाड़ा जिले में 450 से अधिक ग्रामीणें ने भाजपा की सदस्यता छोड़कर कांग्रेस ज्वॉइन कर लिया है। भाजपा छोड़ने वाले सभी ग्रामीणों का आरोप है कि पार्टी में उनकी उपेक्षा की जा रही है, जिसके चलते उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और कांग्रेस में शामिल हो गए। सभी ग्रामीणों ने पीसीसी संयुक्त महामंत्री छविंद्र कर्मा की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली है।
450 से अधिक ग्रामीणों ने थामा कांग्रेस का दामन
मिली जानकारी के अनुसार यह कार्यक्रम फूलपाड़ में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पीसीसी संयुक्त महामंत्री छविंद्र कर्मा की उपस्थिति में ग्रामीणों ने कांग्रेस का दामन थामा। कांग्रेस नेताओं ने नवप्रवेशी कार्यकर्ताओं का स्वागत गमछा पहनाकर करते हुए उन्हें पार्टी की रीति-नीति और जनहितकारी योजनाओं से अवगत कराया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की कथनी और करनी में अंतर है तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र की समस्याओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है। इसी से नाराज होकर उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने का निर्णय लिया।
56 सरपंचों ने दिया था इस्तीफा
वहीं, कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि क्षेत्र में कांग्रेस के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में ग्रामीणों का पार्टी में शामिल होना इसका प्रमाण है। वहीं, कांग्रेस ने इसे संगठन की मजबूती और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण बताया। बता दें कि बस्तर में लंबे समय से जनप्रतिनिधि नाराज चल रहे हैं। हाल ही में अंतागढ़ ब्लॉक की सभी 56 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने इस्तीफा दे दिया था।
इस्तीफा देने वाले सभी सरपंचों का आरोप था कि फंड के अभाव में पंचायत स्तर पर सड़क, नाली, पेयजल और अन्य मूलभूत विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरपंचों ने क्षेत्र के विकास कार्यों की लगातार उपेक्षा का आरोप लगाते हुए सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि पर्याप्त बजट नहीं मिलने के कारण ग्रामीणों के बीच जवाब देना मुश्किल हो गया है और पंचायतों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।














