छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र में आधी रात उस समय हड़कंप मच गया, जब टिंबर और सरिया से जुड़ी एक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और फैक्ट्री परिसर में रखी लकड़ी, सरिया और अन्य ज्वलनशील सामान तेजी से जलने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में उसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं।
आग की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को जानकारी दी। बताया जा रहा है कि आग लगने के दौरान फैक्ट्री के अंदर दो कर्मचारी मौजूद थे, जिससे मौके पर मौजूद लोगों की चिंता बढ़ गई थी।
सूचना मिलते ही नगर निगम की दमकल टीम और निजी दमकल वाहनों समेत 6 से ज्यादा फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता को देखते हुए दमकलकर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब ढाई से तीन घंटे तक लगातार पानी की बौछार करने के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका।
इस दौरान दमकलकर्मियों ने फैक्ट्री के अंदर फंसे दोनों कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए विशेष प्रयास किए। काफी देर की मशक्कत के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि आग की वजह से फैक्ट्री के अंदर खड़ा एक ट्रैक्टर और कई मशीनें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं।
इस घटना में फैक्ट्री को भारी नुकसान हुआ है और लगभग पूरा परिसर जलकर स्वाहा हो गया। फिलहाल आग लगने की असली वजह सामने नहीं आई है। शुरुआती आशंका है कि शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी कारण से आग लगी हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
घटना उरला थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन के मुताबिक इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन आग से फैक्ट्री को बड़ा आर्थिक नुकसान जरूर हुआ है।
















