बिजली आज हमारी बुनियादी जरूरतों में शामिल हो चुकी है और इसके बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल है। कई बार आर्थिक परेशानियों की वजह से कुछ परिवार समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाते। ऐसे में बिल पर लगने वाला सरचार्ज बढ़ता जाता है और बकाया राशि चुकाना और कठिन हो जाता है। इसी समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना शुरू की है, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने स्पष्ट किया है कि योजना के तहत पंजीयन राशि का भुगतान केवल मोर बिजली एप, एटीपी केंद्र या संबंधित विद्युत कार्यालय के माध्यम से ही किया जा सकता है।
पॉवर कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के नाम पर हो रही साइबर ठगी से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि पंजीयन या बिजली बिल भुगतान से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया के लिए किसी अनजान व्हाट्सएप मैसेज, ई-मेल या एसएमएस में आए लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी प्रकार की एपीके फाइल डाउनलोड करने से बचें।
कई बार आर्थिक कारणों से बिजली बिल बकाया रह जाता है और समय के साथ उस पर अधिभार बढ़ता जाता है। ऐसे उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए इस योजना में एकमुश्त भुगतान या किस्तों में भुगतान करने का विकल्प दिया गया है। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को पंजीयन कराना जरूरी होगा, जो बिजली विभाग की वेबसाइट, मोबाइल एप या नजदीकी कार्यालय में जाकर किया जा सकता है।
एमडी भीम सिंह ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपने बकाया बिजली बिल का समाधान करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ-साथ बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत और व्यवस्थित बनाना है।
पॉवर कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अपनी किसी भी योजना या सेवा के लिए उपभोक्ताओं को कोई एपीके फाइल या संदिग्ध वेब लिंक नहीं भेजती। यदि किसी संदेश में ऐसा लिंक या फाइल मिले तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें। योजना की जानकारी और पंजीयन की सुविधा लोगों तक पहुंचाने के लिए मैदानी स्तर पर शिविर भी लगाए जाएंगे, ताकि उपभोक्ता अधिकृत माध्यम से ही योजना का लाभ ले सकें।
कंपनी ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि बिजली बिल या अन्य शुल्क का भुगतान केवल मोर बिजली एप, कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, एटीपी सेंटर या नजदीकी विद्युत कार्यालय में ही करें। किसी भी मैदानी कर्मचारी को नकद भुगतान न करें।
साथ ही यह भी बताया गया है कि पॉवर कंपनी की ओर से भेजे जाने वाले सभी आधिकारिक संदेश “CSPDCL-S” सेंडर आईडी से ही आते हैं। यदि किसी अन्य आईडी से मैसेज प्राप्त होता है तो उसे संदिग्ध समझें। किसी भी जानकारी या सहायता के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1912 पर कॉल कर सकते हैं या नजदीकी सीएसपीडीसीएल कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।
पॉवर कंपनी का कहना है कि सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है, इसलिए थोड़ी सावधानी बरतकर साइबर ठगी से आसानी से बचा जा सकता है।
















