प्रदेश में दो दिन बाद यानी 27 मार्च से मौसम बदल सकता है। 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी और इस दौरान हल्की बारिश होने की संभावना है। गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर सकती है। मौसम बदलने से गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ सकती है। तेज हवा और बारिश से रबी फसल, खासकर सब्जियों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
राजधानी रायपुर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम तापमान सामान्य रहा, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.7 डिग्री कम था। प्रदेश में राजनांदगांव 38 डिग्री के साथ सबसे गर्म जगह रही, वहीं अंबिकापुर में रात का तापमान सबसे कम 17 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पिछले दो दिनों से प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी हल्की बढ़ी हुई है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के खत्म होने से दोपहर का तापमान अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से 2 से 4 डिग्री कम है। मौसम विज्ञान केंद्र लालपुर के अनुसार, बुधवार को रायपुर में दोपहर और शाम को आंशिक बादल छा सकते हैं। अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री रहने की संभावना है।
किसानों की बढ़ी चिंता
जहां मौसम बदलने से आम लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं तेज हवा, बारिश और आकाशीय बिजली से किसानों को फसलों को नुकसान होने का डर है।
ओलावृष्टि से मौसम खुशनुमा
प्रदेश के कई इलाकों में बीते दिनों हुई बारिश और ओलावृष्टि से जमीन और सड़कों पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। रायपुर में देर रात तेज आंधी और बारिश हुई। धमतरी जिले में भी ओलावृष्टि से मौसम खुशनुमा हो गया।
अगले पांच दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है। अगले पांच दिनों में तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होगी। पांच दिन बाद तापमान स्थिर होने की संभावना है, लेकिन तब तक गर्मी का असर काफी बढ़ जाएगा। आज मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा और फिलहाल लू जैसी स्थिति नहीं ।














