भारत में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ रहा है और इस क्षेत्र में Unified Payments Interface (UPI) सबसे आगे है। मार्च 2026 में UPI ने एक नया रिकॉर्ड बनाया और 22.64 अरब ट्रांजैक्शन दर्ज किए। यह आंकड़ा पिछले महीने के 20.39 अरब ट्रांजैक्शन से काफी ज्यादा है, जिससे साफ होता है कि देश तेजी से कैशलेस इकोनॉमी की ओर बढ़ रहा है।
लेनदेन की कुल वैल्यू में भी उछाल
मार्च में UPI के जरिए कुल 29.53 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ, जबकि फरवरी में यह आंकड़ा 26.84 लाख करोड़ रुपये था। यानी सिर्फ छोटे नहीं, बल्कि बड़े लेनदेन भी अब डिजिटल माध्यम से हो रहे हैं।
हर दिन करोड़ों ट्रांजैक्शन
औसतन, मार्च में हर दिन करीब 73 करोड़ ट्रांजैक्शन हुए और रोजाना ट्रांजैक्शन की औसत वैल्यू 95,243 करोड़ रुपये रही। इस तेजी से पता चलता है कि UPI अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सालाना आधार पर भी इसमें जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है – मार्च 2026 में ट्रांजैक्शन की संख्या में 24% और कुल वैल्यू में 19% की वृद्धि दर्ज की गई।
डिजिटल इंडिया को मिल रही रफ्तार
Department of Financial Services (DFS) ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई और लोगों से डिजिटल पेमेंट अपनाने की अपील की। NPCI द्वारा विकसित UPI आज देश का सबसे लोकप्रिय पेमेंट सिस्टम बन चुका है, जिसकी मदद से मोबाइल ऐप और बैंकिंग प्लेटफॉर्म के जरिए तुरंत पैसे ट्रांसफर किए जा सकते हैं।
देशभर में लोग अब डिजिटल पेमेंट को भरोसेमंद और आसान मानने लगे हैं, और यही वजह है कि UPI लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है।















