देश में पेट्रोल की बढ़ती खपत और विदेशी कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार अब बड़ा कदम उठाने जा रही है। E20 पेट्रोल के बाद अब भारत E30 फ्यूल की तरफ बढ़ रहा है। सरकार ने E22, E25, E27 और E30 जैसे हाई एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के नए मानकों को मंजूरी दे दी है। इससे साफ है कि आने वाले समय में देश में ज्यादा एथेनॉल मिले पेट्रोल का इस्तेमाल बढ़ सकता है।
E30 पेट्रोल का मतलब है ऐसा ईंधन जिसमें 30% एथेनॉल और 70% पेट्रोल मिलाया जाएगा। एथेनॉल एक बायोफ्यूल है, जिसे गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। सरकार का मानना है कि इससे पेट्रोल पर खर्च कम होगा और किसानों को भी फायदा मिलेगा।
सरकार ने जारी किए नए मानक
भारतीय मानक ब्यूरो ने 15 मई 2026 को नए फ्यूल स्टैंडर्ड जारी किए हैं। इसके तहत E22, E25, E27 और E30 फ्यूल के लिए अलग-अलग तकनीकी मानक तय किए गए हैं। ये फ्यूल पेट्रोल इंजन वाले वाहनों में इस्तेमाल किए जाएंगे।
क्यों जरूरी हो गया यह कदम?
भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत बढ़ने पर इसका सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ता है। ऐसे में सरकार एथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा देकर विदेशी तेल पर निर्भरता कम करना चाहती है।
E20 के बाद अब अगला चरण
सरकार पहले ही E20 पेट्रोल लॉन्च कर चुकी है और देश के कई हिस्सों में इसकी सप्लाई शुरू हो चुकी है। ऑटो कंपनियां भी E20 कम्पैटिबल गाड़ियां बाजार में उतार रही हैं। अब नए मानकों से संकेत मिल रहे हैं कि सरकार E30 और भविष्य में E85 जैसे फ्यूल पर भी काम कर रही है।
क्या आपकी गाड़ी चलेगी E30 पर?
फिलहाल सरकार ने E30 पेट्रोल की लॉन्च तारीख घोषित नहीं की है। इसके लिए वाहन कंपनियों, फ्यूल सप्लाई सिस्टम और पेट्रोल पंप नेटवर्क को तैयार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में नई गाड़ियां हाई एथेनॉल फ्यूल के हिसाब से डिजाइन की जाएंगी।















