हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए पिछले दो दिनों में आई खबरों से हलचल बढ़ गई है। एक तरफ IndiGo ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाकर यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है, तो वहीं अब सरकार भी इस मामले में सक्रिय हो गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि वह एयरलाइंस के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेगा, ताकि यात्रियों पर ज्यादा भार न पड़े।
दरअसल, इंडिगो ने हाल ही में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का ऐलान किया है। नई दरें 2 अप्रैल 2026 की रात 12:01 बजे के बाद की गई सभी बुकिंग्स पर लागू हो गई हैं। इस फैसले के बाद अब यात्रियों को टिकट बुक करते समय पहले से ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। एयरलाइन का कहना है कि एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में करीब 25% तक बढ़ोतरी होने की वजह से यह कदम उठाया गया है।
इंडिगो के इस फैसले के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए जल्द ही एयरलाइंस के साथ बैठक करने की बात कही है। मंत्रालय यह समझना चाहता है कि किराया कैप हटने के बाद भी फ्यूल सरचार्ज क्यों लगाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि ATF की कीमतों में बढ़ोतरी का उद्देश्य एयरलाइंस को राहत देना था, न कि यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ डालना।
फिलहाल मंत्रालय ने एयरलाइंस को कोई निर्देश जारी नहीं किया है, लेकिन साफ कर दिया है कि इस मुद्दे पर बातचीत की जाएगी। सरकार की कोशिश है कि टिकट की कीमतों का असर सीधे यात्रियों पर न पड़े। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सरकार और एयरलाइंस के बीच संतुलन बनता है, तो आने वाले समय में फ्यूल सरचार्ज में राहत मिल सकती है या किराए को नियंत्रित किया जा सकता है।
















