दूरसंचार विभाग (DoT) ने WhatsApp, Signal और Telegram जैसे इंस्टैंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को बड़ी राहत देते हुए सिम बाइंडिंग नियम की डेडलाइन बढ़ा दी है।
सरकार ने डिजिटल फ्रॉड और पहचान के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सिम बाइंडिंग को अनिवार्य करने का फैसला लिया था। यह नियम नवंबर 2025 में जारी किया गया था और कंपनियों को 90 दिनों के अंदर इसे लागू करने को कहा गया था, लेकिन अब इसकी समय-सीमा आगे बढ़ा दी गई है।
अब 2026 के अंत तक लागू होगा नियम
नई रिपोर्ट के मुताबिक, DoT ने सिम बाइंडिंग लागू करने की डेडलाइन अब 2026 के अंत तक कर दी है। इस नियम का मकसद यह है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स यूजर की पहचान उसके मोबाइल नंबर और सिम के जरिए सुनिश्चित करें, ठीक वैसे ही जैसे बैंकिंग और UPI ऐप्स काम करते हैं।
तकनीकी दिक्कतों की वजह से बढ़ी डेडलाइन
Meta, Telegram और Signal जैसी कंपनियों ने DoT को बताया कि इस फीचर को लागू करना आसान नहीं है और इसमें कई तकनीकी चुनौतियां हैं।
साथ ही Apple और Google जैसी कंपनियों ने भी ऑपरेटिंग सिस्टम में बदलाव के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। ऐसे में सरकार ने सभी पक्षों की बात सुनते हुए डेडलाइन बढ़ाने का फैसला लिया है।
टेस्टिंग पर चल रहा काम
Meta, Snapchat और Telegram जैसी कंपनियां इस फीचर को लागू करने के लिए DoT के साथ मिलकर काम कर रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, WhatsApp ने इस फीचर की टेस्टिंग शुरू कर दी है। इसमें ऐप यूजर से यह कंफर्म करेगा कि जिस मोबाइल नंबर से अकाउंट बनाया गया है, वही सिम उसी फोन में मौजूद है। फिलहाल यह फीचर इंटरनल बीटा टेस्टिंग में है और जल्द ही पब्लिक बीटा वर्जन में भी आ सकता है।
आने वाले समय में ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट के जरिए यह फीचर सभी प्लेटफॉर्म्स पर लागू किया जा सकता है, जिससे यूजर्स की पहचान को और ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सके।
















