भिलाई स्टील प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस-4 में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। ठेका मजदूर खोमलाल वर्मा (49), निवासी पहंडोर (पाटन), करीब 30 फीट की ऊंचाई पर काम कर रहे थे, तभी संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर पड़े।
सहकर्मियों ने तुरंत उन्हें बीएसपी के मेन मेडिकल पोस्ट पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सेक्टर-9 अस्पताल रेफर किया गया। आईसीयू में भर्ती मजदूर की हालत गंभीर बनी रही और देर शाम इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गिरने से उनके शरीर के कई हिस्सों, खासकर पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। हादसे के बाद शव को अस्पताल की मोर्चरी में रख दिया गया है।
बताया जा रहा है कि इससे पहले नवंबर 2025 में भी इसी तरह के हादसे में देवेंद्र चंद्राकर की जान गई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई पर काम करते समय सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल जरूरी होता है। साथ ही सुपरवाइजर की निगरानी और सुरक्षित कार्य प्रक्रिया का पालन भी अनिवार्य है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इन नियमों का सही तरीके से पालन किया जा रहा था।
मजदूर संगठनों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि अगर सुरक्षा नियमों का पालन हुआ था, तो हादसा कैसे हुआ, और अगर लापरवाही हुई है तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच शुरू, कार्रवाई का इंतजार
प्लांट प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है कि इसमें क्या सामने आता है और क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। लगातार हो रहे हादसों के बीच मजदूरों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता बन गई है।
















