छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के अवकाश को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। (Chhattisgarh Govt Employees Leave News) अपने इस फैसले के साथ ही सरकार ने यह भी जताया है कि, वह अपने अधिकारी-कर्मचरियों के मानसिक और स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है।
क्या है छुट्टी पर नया फैसला?
दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए मेडिटेशन के लिए छुट्टी देने का प्रावधान किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए है। निर्देशों के मुताबिक़ सरकारी कर्मचारियों को एक बार में 10 दिनों के लिए छुट्टी मिल सकेगी। इस तरह कर्मचारी पूरे सर्विस में छह बार मेडिटेशन के लिए छुट्टी ले सकेंगे। हालांकि इस अवकाश के लिए अपनी शर्ते है। वैतनिक अवकाश पाने के लिए कर्मचारी-अफसरों को विपश्यना रजिस्ट्रेशन और सहभागिता प्रमाण पत्र देना जरूरी होगा।
क्या है विपश्यना मेडिटेशन?
विपश्यना मेडिटेशन एक प्राचीन ध्यान पद्धति है, जिसका अर्थ है “वास्तविकता को जैसा है वैसा देखना।” इसकी उत्पत्ति गौतम बुद्ध की शिक्षाओं से मानी जाती है। इस तकनीक में व्यक्ति अपने विचारों, भावनाओं और शरीर की संवेदनाओं को बिना किसी प्रतिक्रिया या पूर्वाग्रह के केवल देखता है। (Chhattisgarh Govt Employees Leave News) इसका उद्देश्य मन को शांत करना, आत्म-जागरूकता बढ़ाना और जीवन के दुखों के वास्तविक कारणों को समझना है।
इस ध्यान पद्धति में पहले सांस पर ध्यान (आनापान) के जरिए मन को स्थिर किया जाता है, फिर पूरे शरीर की संवेदनाओं का निरीक्षण किया जाता है और अंत में समता यानी हर परिस्थिति में संतुलित रहना सीखा जाता है। विपश्यना के नियमित अभ्यास से तनाव, चिंता और गुस्सा कम होता है, ध्यान क्षमता बढ़ती है और मानसिक शांति मिलती है। यह तकनीक पूरी तरह अनुभव आधारित है, जिसमें किसी मंत्र या पूजा की जरूरत नहीं होती और इसे अक्सर 10 दिन के मौन शिविर में सिखाया जाता है।















