आम आदमी पार्टी (AAp) में बड़ा सियासी संकट खड़ा हो गया है। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दावा किया है कि उनके साथ पार्टी के 7 सांसद हैं, जिन्होंने ‘आप’ छोड़ने का फैसला कर लिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके साथ मंच पर संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद रहे।
मुख्य आरोप और बयान
- सिद्धांतों से भटकाव: राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है और अब पार्टी राष्ट्रहित के बजाय निजी हितों पर काम कर रही है।
- निजी पीड़ा: उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी को अपने “खून-पसीने से सींचा”, लेकिन अब उन्हें लगने लगा था कि वह गलत पार्टी में सही व्यक्ति हैं।
- संदीप पाठक का पक्ष: संदीप पाठक ने भी कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी और अरविंद केजरीवाल को आगे रखा, लेकिन अब पार्टी अपने रास्ते से भटक चुकी है।
भारतीय जनता पार्टी में विलय का दावा
राघव चड्ढा ने कहा कि राज्यसभा में ‘आप’ के दो-तिहाई सांसद संविधान के प्रावधानों के तहत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि उनके साथ निम्नलिखित सांसद शामिल हैं:
-
- हरभजन सिंह
- राजेंद्र गुप्ता
- विक्रमजीत सिंह साहनी
- स्वाति मालीवाल
इस घटनाक्रम से आम आदमी पार्टी की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है और आने वाले दिनों में इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
















