छत्तीसगढ़ में गर्मी ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ के हिस्सों में अगले पांच दिनों तक ग्रीष्म लहर जैसी स्थिति बनने की चेतावनी जारी की है। मंगलवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि बिलासपुर 43.4 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है।
बिलासपुर समेत मध्य छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक भीषण गर्मी और लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। मंगलवार को बिलासपुर प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा और एक-दो स्थानों पर ही लू की स्थिति बन सकती है। फिलहाल मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। आसमान मुख्य रूप से साफ रहने के कारण सूरज की तपिश और अधिक महसूस होगी। इधर मंगलवार से ही दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम होने लगी है और बाजारों में भी गर्मी का असर दिखाई दे रहा है।
नौतपा से पहले ही शहर धधकने लगा शहर
बीते दो दिनों से शहर और आसपास के इलाकों में भीषण गर्म हवाएं (लू) चलने लगी है। इसके थपेड़ों ने आम जनजीवन को पूरी तरह से झंकझोर कर रख दिया है। दोपहर होते ही मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है और लोग चेहरों को स्कार्फ व तौलिए से ढंके बिना बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। इस झुलसाने वाली गर्मी का सीधा असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखने लगा है। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) समेत शहर के अन्य अस्पतालों में गर्मी की चपेट में आने वाले मरीजों की कतार लगने लगी है।
मौसम में आए इस बदलाव और तपिश के कारण लोग तेजी से मौसमी बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। सिम्स अस्पताल से मिल रही जानकारी के अनुसार, पिछले 48 घंटों में ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में ऐसे मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है, जो तेज धूप और गर्म हवाओं की वजह से बीमार हुए हैं।
शरीर में पानी की कमी होने के कारण उल्टी-दस्त और चक्कर आने की शिकायत लेकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसी तरह तेज अल्ट्रावायलेट किरणों और लू के सीधे संपर्क में आने से युवाओं और कामकाजी लोगों में सनबर्न (त्वचा का झुलसना) और रैशेज की समस्या लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। मरीजों में तेज बुखार, सिरदर्द और बेहोशी जैसे लक्षण मिल रहे हैं। साफ है कि दोपहर में तेज हवाओं के साथ लू चल रहा है और जरा सी लापरवाही में कोई भी लू की चपेट में आकर बीमार पड़ सकता है।
दोपहर में कर्फ्यू जैसा नजारा, ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ी
गर्म हवाओं के थपेड़ों का असर व्यापार और सड़कों पर साफ देखा जा सकता है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक शहर के प्रमुख व्यावसायिक मार्ग जैसे गोल बाजार, लिंक रोड और तिफरा क्षेत्र में सन्नाटा पसर जाता है। लोग केवल बेहद जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। वहीं, गर्मी से राहत पाने के लिए गन्ने का रस, लस्सी, मट्ठा और नारियल पानी की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
धूप में निकलने से बचें, पानी ज्यादा पीएं
सिम्स के एमएस व एमडी डा़ लखन सिंह का कहना है कि मौसम में गर्मी अचानक बढ़ी है, जिससे शरीर का तापमान संतुलित नहीं हो पाता। धूप में निकलते समय सूती कपड़े से चेहरा और सिर जरूर ढकें। खाली पेट बाहर न निकलें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। नींबू पानी, ओआरएस या छाछ का सेवन लगातार करते रहें।
गर्मी का बढ़ता ग्राफ
तापमान की स्थिति: बीते दो दिनों में पारा सामान्य से 2 से 3 डिग्री ऊपर पहुंचा।
मुख्य लक्षण: मरीजों में निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन), सनबर्न, तेज सिरदर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत।
प्रभावित वर्ग: फील्ड में काम करने वाले कर्मचारी, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा संवेदनशील।
बचाव के उपाय: दोपहर के समय सीधे धूप में जाने से बचें, तरल पदार्थों का अधिक से अधिक सेवन














