दलालों पर लगाम कसने के लिए आईआरसीटीसी ने एआई की मदद से 3 करोड़ अकाउंट ब्लॉक और 6 करोड़ डीएक्टिवेट किए। जानें कैसे कराएं री-एक्टिवेट
अगर आप भी घर बैठे आईआरसीटीसी (IRCTC) ऐप या वेबसाइट से राजधानी, शताब्दी या वंदे भारत जैसी ट्रेनों के लिए ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं, तो आपके लिए यह बेहद जरूरी खबर है। आईआरसीटीसी ने टिकटों की दलाली और अवैध बुकिंग पर लगाम लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करते हुए एक साथ करोड़ों यूजर्स पर बड़ा एक्शन लिया है। अगर आपके अकाउंट से भी टिकट बुक नहीं हो पा रहे हैं, तो मुमकिन है कि आपका अकाउंट भी डीएक्टिवेट कर दिया गया हो। आइए, इन 4 स्लाइड्स के जरिए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है और आप अपने अकाउंट को दोबारा कैसे चालू करा सकते हैं।
दलालों पर नकेल कसने के लिए IRCTC का AI एक्शन, 3 करोड़ अकाउंट्स ब्लॉक
आईआरसीटीसी टिकटों की अवैध कालाबाजारी और दलालों (Touts) को रोकने के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहा है। इसके लिए असली और संदिग्ध यूजर्स की पहचान करने के लिए विशेष पैरामीटर्स बनाए गए हैं। जांच के पहले चरण में एआई को 9 करोड़ यूजर्स संदिग्ध मिले थे. दोबारा गहन समीक्षा करने पर 3 करोड़ यूजर्स की गतिविधियां बेहद संदिग्ध पाई गईं, जिसके बाद इन 3 करोड़ अकाउंट्स को पूरी तरह से ब्लॉक (Permanent Block) कर दिया गया है। अब ये अकाउंट्स किसी भी स्थिति में दोबारा शुरू नहीं हो सकेंगे।
आईआरसीटीसी के सीएमडी संजय जैन के मुताबिक, 3 करोड़ परमानेंट ब्लॉक अकाउंट्स के अलावा, 6 करोड़ अन्य यूजर्स के अकाउंट्स को डीएक्टिवेट (Deactivate) कर दिया गया है। हालांकि इन 6 करोड़ अकाउंट्स को पूरी तरह ब्लॉक नहीं किया गया है, लेकिन संदिग्ध व्यवहार के कारण इन्हें फ्रीज कर दिया गया है। इसका मतलब है कि वर्तमान में आप इन अकाउंट्स से किसी भी ट्रेन का टिकट बुक नहीं कर सकते और न ही इनका किसी अन्य तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्या ये सभी 6 करोड़ यूजर्स फर्जी हैं?
आईआरसीटीसी के सीएमडी ने साफ किया है कि जिन 6 करोड़ यूजर्स के अकाउंट डीएक्टिवेट किए गए हैं, वे लोग फर्जी या नकली नहीं हैं। वे सभी वास्तविक (Real) उपभोक्ता ही हैं। असल यूजर होने के बावजूद उनके अकाउंट से होने वाली बुकिंग या गतिविधियों को आईआरसीटीसी के एआई सिस्टम ने संदिग्ध श्रेणी में पाया। सुरक्षा और निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए तुरंत प्रभाव से इन्हें अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया गया।
घबराएं नहीं, तुरंत कराएं केवाईसी (KYC); ऐसे दोबारा एक्टिवेट होगा अकाउंट
अगर आपका अकाउंट भी इस कार्रवाई की जद में आकर डीएक्टिवेट हो गया है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। सीएमडी संजय जैन के अनुसार, इन अकाउंट्स को दोबारा एक्टिवेट करने के लिए यूजर्स को अपनी केवाईसी (KYC) प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यह केवाईसी बिल्कुल बैंकों या अन्य सरकारी संस्थानों में होने वाले वेरिफिकेशन की तरह ही प्रामाणिक होगी। अपना सही पहचान विवरण और जरूरी दस्तावेज अपडेट कर केवाईसी पूरा करते ही आपका अकाउंट फिर से एक्टिव हो जाएगा और आप पहले की तरह टिकट बुक कर सकेंगे।
















