पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में टेलीग्राम के कथित दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। सरकार के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को टेलीग्राम के जरिए पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी धोखाधड़ी गतिविधियों की कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं।
NTA ने कई संदिग्ध चैनलों और ग्रुप्स की पहचान की
हलफनामे में बताया गया है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने ऐसे कई टेलीग्राम चैनल, ग्रुप और बॉट्स की पहचान की थी, जिनका इस्तेमाल कथित रूप से लीक हुए प्रश्नपत्रों को प्रसारित करने और छात्रों को गुमराह करने के लिए किया जा रहा था। सरकार का कहना है कि ये प्लेटफॉर्म परीक्षा की निष्पक्षता के लिए गंभीर खतरा बन रहे थे।
ब्लॉक करने से पहले सरकार ने दिया था मौका
केंद्र ने स्पष्ट किया कि उसने शुरुआत में टेलीग्राम पर सीधे प्रतिबंध लगाने के बजाय कम प्रतिबंधात्मक उपाय अपनाए। 3 जून 2026 को टेलीग्राम के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सरकार ने चिंता जताई थी कि कंपनी ऐसे चैनलों की पहचान और रोकथाम में सक्रिय भूमिका नहीं निभा रही है। जवाब में टेलीग्राम ने स्वीकार किया कि संदिग्ध कंटेंट की स्वतः पहचान करने में उसकी कुछ सीमाएं हैं और मॉडरेशन टीम रिपोर्ट किए गए चैनलों पर कार्रवाई कर रही है।
हाई कोर्ट ने पूछा- क्या पूरा ऐप ब्लॉक करना उचित है?
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा कि क्या पूरे टेलीग्राम प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाना एक संतुलित और उचित कदम माना जा सकता है। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य अदालत के सामने रखना आवश्यक है। उन्होंने दावा किया कि प्लेटफॉर्म पर चिंताजनक गतिविधियां जारी थीं और बार-बार चेतावनी के बावजूद सुधार नहीं किए गए।
टेलीग्राम ने प्रतिबंध का किया विरोध
टेलीग्राम ने अदालत में दलील दी कि पूरे प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करना अत्यधिक कदम है। कंपनी के वकील ने कहा कि आपत्तिजनक कंटेंट या संबंधित यूजर आईडी को निशाना बनाया जाना चाहिए, न कि पूरे ऐप को। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी AI आधारित मॉनिटरिंग और सरकारी अनुरोधों के अनुरूप कार्रवाई कर रही है।
21 जून को होगी NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक होने के आरोपों के बाद पुनर्परीक्षा 21 जून को कराई जाएगी। सरकार और NTA ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए जाने का दावा किया है।
















