केजरीवाल ने घोषणा की है कि वह मंगलवार को 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री आवास तक मार्च करेंगे और E20 ईंधन नीति के विरोध में ज्ञापन सौंपेंगे। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में एथनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने दावा किया कि भारत ने अमेरिका से एथनॉल खरीदने के लिए ट्रंप के सामने “घुटने टेक दिए” हैं। उनके अनुसार, सरकार द्वारा लगातार एथनॉल मिश्रित पेट्रोल को प्रोत्साहित किया जाना किसी “छिपे हुए एजेंडे” की ओर इशारा करता है
उन्होंने कहा कि E20 ईंधन के खिलाफ चलाए गए ऑनलाइन अभियान को लोगों का व्यापक समर्थन मिला है। इसी अभियान के तहत जुटाए गए करीब दो लाख हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपने के लिए यह मार्च आयोजित किया जा रहा है। केजरीवाल ने पहले घोषणा की थी कि वह 4 अगस्त को दोपहर 12 बजे प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकालेंगे और जनता की चिंताओं को केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि E20 नीति के संभावित प्रभावों को लेकर लोगों में सवाल हैं और सरकार को इस विषय पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
क्या है केजरीवाल का प्लान?
सोमवार को केजरीवाल ने कहा, “मैं कल 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री आवास जाकर जनता द्वारा हस्ताक्षरित याचिकाएं व्यक्तिगत रूप से सौंपूंगा और एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करूंगा।” उन्होंने दावा किया कि E20 ईंधन के इस्तेमाल से लोगों को अपनी गाड़ियों में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। केजरीवाल ने कहा, “लोगों को अपनी गाड़ियों में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार इसे जारी रखे हुए है, जिसका मतलब है कि इसके पीछे कोई छिपा हुआ एजेंडा है।”
PM को ज्ञापन सौंपने की तैयारी में केजरीवाल
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकालने की घोषणा करते हुए कहा है कि उन्होंने पहले इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा के लिए समय मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पिछले महीने उन्होंने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखकर E20 पेट्रोल को लेकर जनता की चिंताओं पर चर्चा के लिए समय देने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि पत्र का कोई जवाब नहीं मिलने के बाद अब वह स्वयं प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमें पत्र का कोई जवाब नहीं मिला, इसलिए अब हम खुद प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। हमने एथनॉल मिश्रित पेट्रोल के खिलाफ एक हस्ताक्षर अभियान शुरू किया था। इस ज्ञापन पर दो लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।”
PM आवास मार्च को दिल्ली पुलिस की अनुमति नहीं, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित मार्च के लिए किसी प्रकार की मंजूरी नहीं दी गई है और अनधिकृत प्रदर्शन को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास तक मार्च की अनुमति देने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस सूत्र ने कहा कि प्रस्तावित मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है और यदि बिना अनुमति के मार्च निकालने की कोशिश की जाती है तो उसे रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था की तैयारी की है। सुरक्षा एजेंसियां भी स्थिति पर नजर बनाए हुए















