छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में नाबालिग आदिवासी छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है, दरिंदगी की हदें पार करने वाला कोई और नहीं बाल्कि गांव के उप सरपंच का पति है, जिसने नाबालिग छात्रा के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया है। इतना ही नहीं जब परिजनों ने मामले की शिकायत थाने में दर्ज करानी चाही तो आरोपी उप सरपंच ने परिजनों को पैसे का लालच देकर शिकायत रोकने की कोशिश भी की और जान से मारने की धमकी भी दी। मगर परिजनों ने गांव के लोगों के साथ थाने पहुंचकर मामले में प्राथमिकी दर्ज कराया है।
छात्रा से कराया जाता था घर का कामकाज
दरअसल, सरगुजा में दुष्कर्म के कई मामले सामने आ चुके हैं, मगर इस बार गांव के उप सरपंच के पति पर ही नाबालिग छात्रा की असमत को तार-तार करने का आरोप लगा है, पूरा मामला अंबिकापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के भफौली का है, जहां पीड़ित छात्रा के परिजनों का आरोप है कि गांव के उप सरपंच के पति तरुण के द्वारा नाबालिग 15 वर्ष कक्षा सातवीं की छात्रा से घर का कामकाज कराया जाता था और शादी के समय पूरा खर्च उठाने की बात कही गई थी।
कोतवाली थाने शिकायत दर्ज
बीते 20 जुलाई को नाबालिग छात्रा जब उप सरपंच के घर पहुंची तो आरोपी उप सरपंच के पति ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। जब पीड़िता ने अपनी आप बीती परिजनों को बताई तो आरोपी उप सरपंच ने परिजनों को पैसे का लालच देकर शिकायत करने से रोकने की कोशिश की। मगर जैसे ही परिजनों ने घटना की जानकारी गांव के लोगों को दी जिसके बाद काफी संख्या में कोतवाली थाने पहुंचे लोगों ने मामले में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत नहीं करने की थी लाखों रुपए की पेशकश
परिजनों का आरोप है कि आरोपी उप सरपंच के पति ने घटना कारित करने के बाद शिकायत नहीं करने के एवज में पीड़ित के परिजनो को लाखों रुपए की पेशकश की थी, और थाने आने से रोकने का आरोप भी लगाया है। इधर काफी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों के साथ परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कर दी है, बहरहाल अब देखने वाली बात होगी कि कक्षा सातवीं की नाबालिक छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के मामले में शिकायत दर्ज करने वाली कोतवाली पुलिस कब तक आरोपी को गिरफ्तार कर पाती
















