स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतें अगले हफ्ते घरेलू शेयर बाजार की चाल तय करेगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंपनियों के तिमाही नतीजों का सीजन खत्म होने के बाद अब निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रमों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी रहेगी।
वैश्विक मौद्रिक नीति, कच्चे तेल और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर रहेगा निवेशकों का ध्यान
रिलायंस ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजित मिश्रा ने कहा, ”निकट अवधि में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े घटनाक्रम और ब्रेंट क्रूड की दिशा बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारक होंगे। उन्होंने कहा कि तिमाही नतीजों का सीजन खत्म हो चुका है और आने वाला सप्ताह आंकड़ों के लिहाज से अपेक्षाकृत हल्का रहेगा। ऐसे में निवेशकों का ध्यान वैश्विक मौद्रिक नीति, कच्चे तेल और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर रहेगा।”
19 अगस्त को जारी होगा FOMC बैठक का ब्योरा
फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक के ब्योरे से भी फेडरल रिजर्व के नीतिगत परिदृश्य को लेकर संकेत मिलेगा। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक का ब्योरा 19 अगस्त को जारी होगा। अगर फेडरल रिजर्व का रुख अपेक्षा से ज्यादा आक्रामक दिखाई देता है, तो इससे उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी की निकासी बढ़ सकती है और भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
अमेरिका-ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव भी बाजार को करेगा प्रभावित
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. ने कहा कि इस हफ्ते निवेशकों का ध्यान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और व्यापक अमेरिका-ईरान तनाव पर बना रहेगा। इसके अलावा फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक के ब्योरे और विदेशी संस्थागत निवेशकों के प्रवाह पर भी बाजार की नजर होगी। बजाज ब्रोकिंग के वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) पबित्रो मुखर्जी ने कहा कि निवेशक कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच जारी भू-राजनीतिक तनाव से जुड़े घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखेंगे।
चीन के आर्थिक आंकड़ों पर भी रहेंगी नजरें
















