हर महीने की पहली तारीख को कई जरूरी चीजों के नियम और कीमतों में बदलाव होता है। 1 सितंबर 2026 से LPG और PNG से जुड़े कुछ अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसका असर गैस सिलेंडर की कीमत, बुकिंग और डिलीवरी के साथ-साथ लोगों के घर के बजट पर भी पड़ सकता है। अगर आप Indane, HP Gas या Bharat Gas के ग्राहक हैं, तो इन बदलावों के बारे में जानना जरूरी है। आइए जानते हैं 1 सितंबर से होने वाले 7 बड़े बदलाव।
1. LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव
हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 सितंबर को गैस सिलेंडर की कीमतों में कमी या बढ़ोतरी हो सकती है।
- 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर के दाम में बदलाव संभव
- 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी बदल सकती है
- कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव पर निर्भर करती हैं
2. Aadhaar e-KYC कराना जरूरी
LPG ग्राहकों के लिए आधार e-KYC कराने की अंतिम तारीख 31 अगस्त तय की गई थी। जिन ग्राहकों ने अब तक e-KYC नहीं कराया है, उन्हें आगे परेशानी हो सकती है।
- सिलेंडर की डिलीवरी में दिक्कत हो सकती है
- कनेक्शन अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है
- रिफिल को लेकर अतिरिक्त परेशानी हो सकती है
3. LPG से PNG पर शिफ्ट होने का नियम
सरकार पाइप के जरिए मिलने वाली PNG गैस को बढ़ावा दे रही है। जिन इलाकों या सोसाइटी में PNG की सुविधा उपलब्ध है, वहां ग्राहकों को LPG से PNG पर जाने के लिए कहा जा सकता है। तय समय में शिफ्ट नहीं करने पर LPG कनेक्शन को लेकर कार्रवाई हो सकती है।
4. नए LPG कनेक्शन पर रोक
ग्लोबल सप्लाई और मिडिल ईस्ट की स्थिति को देखते हुए नए 14.2 किलो वाले घरेलू LPG कनेक्शन को लेकर अस्थायी रोक की बात सामने आई है। सितंबर में तेल कंपनियां इस संबंध में आगे का अपडेट जारी कर सकती हैं।
5. सिलेंडर बुकिंग के बीच 25 और 45 दिन का अंतर
रिफिल बुक करने के लिए दो बुकिंग के बीच तय अंतर रखना होगा।
- शहरी क्षेत्र: कम से कम 25 दिन का अंतर
- ग्रामीण क्षेत्र: कम से कम 45 दिन का अंतर
6. PNG पर जाने के बाद LPG कनेक्शन सरेंडर करने के लिए 30 दिन
अगर कोई ग्राहक LPG छोड़कर PNG कनेक्शन लेता है, तो पुराने LPG कनेक्शन को सरेंडर करने के लिए 30 दिन का समय मिलेगा। बाद में PNG सुविधा वाले इलाके से ऐसी जगह जाने पर जहां PNG उपलब्ध नहीं है, ट्रांसफर वाउचर के जरिए LPG कनेक्शन दोबारा लेने की सुविधा मिल सकती है।
7. OTP से पूरी होगी LPG की डिलीवरी
गैस डिलीवरी को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए OTP यानी DAC कोड का इस्तेमाल किया जा रहा है। डिलीवरी कर्मचारी के घर पहुंचने पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आया OTP बताना होगा।
- ऑनलाइन बुकिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है
- रजिस्टर्ड मोबाइल पर OTP आएगा
- OTP सत्यापन के बाद ही डिलीवरी पूरी होगी
















