Raigarh News : रायगढ़। ढिमरापुर रोड की बदहाल सड़क पर कीचड़ में स्कूटी फिसलने से ट्रक की चपेट में आई महिला की दर्दनाक मौत और कोतरा रोड में हुए सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत की खबर अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है। एक ही दिन में शहर में दो सड़क हादसों में दो लोगों की जान जाना बेहद गंभीर विषय है। जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष शाखा यादव ने दोनों मृतकों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

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उन्होंने छातामुड़ा चौक पर दो दिन पूर्व सड़क दुर्घटना में हुई मौत तथा रायगढ़-घरघोड़ा मार्ग पर दो दिन पहले सड़क हादसे में जान गंवाने वाली महिला के प्रति भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि लगातार सड़क हादसों में लोगों की जान जाना अब सामान्य दुर्घटना नहीं, सरकार की गंभीर विफलता का संकेत है।
शाखा यादव ने कहा कि रायगढ़ शहर और जिले में आए दिन हो रहे लगातार सड़क हादसों के पीछे बदहाल सड़कें, गड्ढे, कीचड़ और लचर यातायात व्यवस्था प्रमुख कारण बन रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर इन हादसों और बेकसूर लोगों की मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा?
उन्होंने कहा कि ढिमरापुर रोड की बदहाली कोई नई समस्या नहीं है। लंबे समय से यह मार्ग बड़े-बड़े गड्ढों और कीचड़ से जूझ रहा है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो गई है। जनता बार-बार सड़क निर्माण की मांग करती रही, समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से भी इसकी बदहाली जिम्मेदारों तक पहुंचती रही, लेकिन सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की दिशा में गंभीर पहल नहीं हुई। आज उसी बदहाल सड़क पर एक निर्दोष महिला की जान चली गई।
शाखा यादव ने कहा कि कुछ दिन पूर्व रायगढ़ विधायक एवं प्रदेश के वित्त मंत्री द्वारा ढिमरापुर रोड के निर्माण के लिए 41 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद सत्तापक्ष से जुड़े लोगों द्वारा सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में इसका खूब प्रचार किया गया और श्रेय लेने की होड़ दिखाई दी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह नहीं पूछ रही कि 41 करोड़ रुपये की स्वीकृति क्यों हुई, सवाल इससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है—जब तक 41 करोड़ रुपये से बनने वाली सड़क धरातल पर तैयार नहीं हो जाती, तब तक इस जानलेवा सड़क पर चलने वाली जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
क्या सरकार और प्रशासन कुछ लाख रुपये खर्च कर सड़क के गड्ढे नहीं भरवा सकते? क्या कीचड़ हटाकर सड़क को आवागमन योग्य नहीं बनाया जा सकता? क्या दुर्घटना संभावित स्थानों पर वर्तमान में यातायात विभाग द्वारा सुरक्षा व्यवस्था नहीं की जा सकती?
यदि करोड़ों रुपये की नई सड़क बनने में समय लगेगा तो क्या तब तक लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर इसी सड़क से गुजरना होगा?और यूँ ही इस बदहाल सड़क पर दुर्घटनाओं का सिलसिला जारी रहेगा ?
शाखा यादव ने कहा कि सड़क निर्माण की स्वीकृति की घोषणा पर वाहवाही लेने से पहले वर्तमान सड़क की स्थिति सुधारना जरूरी था। जनता को भविष्य की सड़क का सपना नहीं, वर्तमान में भी सुरक्षित सड़क चाहिए।
शाखा यादव ने कहा कि रायगढ़ शहर में लगभग एक वर्ष पहले जिन सड़कों का निर्माण कराया गया था, उनकी हालत आज ही खराब होने लगी है। निर्माण के समय खूब दावा किया जा रहा था कि इस बार अधिक राशि खर्च कर मजबूत और गुणवत्तापूर्ण सड़कें बनाई जा रही हैं। लेकिन यदि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़कें एक साल भी टिकाऊ नहीं रह पाईं तो यह स्थिति अपने आप में कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने कहा कि क्या सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच हुई थी? क्या निर्धारित मापदंडों का पालन किया गया? क्या निर्माण के बाद संबंधित अधिकारियों ने गुणवत्ता का परीक्षण किया? और यदि सड़क समय से पहले खराब हो गई तो जिम्मेदारी किसकी तय की गई?
जनता के पैसे से बनने वाली सड़कें यदि एक वर्ष के भीतर ही उखड़ने लगे और गड्ढों में तब्दील हो जाएं तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
शाखा यादव ने कहा कि रायगढ़ शहर और जिले में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला गंभीर चिंता का विषय है। कांग्रेस किसी भी हादसे को राजनीतिक अवसर के रूप में नहीं देखती, क्योंकि हर दुर्घटना के पीछे किसी परिवार का अपना सदस्य, माता, पिता, भाई, बहन या संतान होती है। लेकिन जब लगातार हादसे हों और उनके पीछे व्यवस्था से जुड़े कारण दिखाई दें तो सवाल उठाना विपक्ष का दायित्व है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ढिमरापुर रोड सहित शहर और जिले की सभी जर्जर एवं दुर्घटना संभावित सड़कों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए, गड्ढों और कीचड़ की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।

साथ ही पिछले एक वर्ष में बनी सड़कों की गुणवत्ता की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए और यदि निर्माण में लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
शाखा यादव ने कहा कि रायगढ़ की जनता को करोड़ों रुपये की स्वीकृति की खबरों से ज्यादा अपनी जान की चिंता है। सड़क बनने तक सड़क पर चलने वाले हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। अब समय है कि सरकार श्रेय लेने की राजनीति से ऊपर उठकर सड़कों की वास्तविक स्थिति पर ध्यान दें, क्योंकि सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं होतीं—वे लोगों की जिंदगी से जुड़ी होती हैं।
















