Cg News : बेमेतरा 06 नवंबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्योत्सव के अवसर पर ‘विष्णु की पाती’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ के सृजनशील कलाकार श्री जितेंद्र साहू को पत्र भेजकर उनकी कला, रचनात्मक सोच और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है।
कलाकार श्री जितेंद्र साहू अपनी अनूठी कला के माध्यम से अनुपयोगी एवं कबाड़ सामग्री को आकर्षक कलाकृतियों और कलात्मक संरचनाओं में परिवर्तित कर रहे हैं। उनका यह प्रयास न केवल कला के क्षेत्र में नवाचार का उदाहरण है, बल्कि अपशिष्ट पदार्थों के पुनः उपयोग और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का भी प्रभावी माध्यम बन रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में ऐसे सृजनशील प्रयासों को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहचान को समृद्ध करने वाला बताया। कलाकार श्री साहू की सोच में कला के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास, स्वरोजगार और सतत विकास की व्यापक संभावनाएं भी दिखाई देती हैं।
‘छत्तीसगढ़ विजन 2047’ के परिप्रेक्ष्य में श्री जितेंद्र साहू ने भविष्य के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव एवं लक्ष्य सामने रखे हैं। इनमें युवाओं के लिए ‘कबाड़ से कला’ आधारित प्रशिक्षण केंद्र एवं कार्यशालाओं की स्थापना, प्रदेश के प्रमुख शहरों के पार्कों और चौराहों पर छत्तीसगढ़ की संस्कृति, वन्यजीवों एवं जैव-विविधता को दर्शाने वाली विशाल स्क्रैप कलाकृतियों की स्थापना तथा अपनी कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों तक पहुंचाना शामिल है।
उन्होंने सुझाव दिया है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में वेस्ट मैनेजमेंट और पब्लिक आर्ट को प्रोत्साहित किया जाए। सरकारी भवनों, एयरपोर्ट एवं रेलवे स्टेशनों पर स्क्रैप आर्ट गैलरी विकसित की जाए तथा स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन देने के लिए स्कल्पचर पार्क अथवा क्राफ्ट विलेज की स्थापना की जाए। इससे छत्तीसगढ़ को स्क्रैप आर्ट के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान दिलाने के साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
कलाकार श्री जितेंद्र साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘विष्णु की पाती’ के माध्यम से उनकी कला और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की सराहना किया जाना उनके लिए अत्यंत गौरव और भावुकता का क्षण है। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी का यह स्नेह, सम्मान और प्रोत्साहन उनकी रचनात्मक यात्रा को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेगा। यह सम्मान उनके लिए केवल प्रशंसा नहीं, बल्कि अपनी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने, पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प में और अधिक सक्रिय योगदान देने की प्रेरणा है। उन्होंने मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद करते हुए भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ कार्य करते रहने का संकल्प व्यक्त किया।
श्री जितेंद्र साहू की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि रचनात्मकता और नवाचार के माध्यम से अनुपयोगी वस्तुओं को भी उपयोगी एवं आकर्षक स्वरूप दिया जा सकता है। उनकी कला पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को एक साथ जोड़ने की प्रेरणा देती है।
















