वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर 8.25% की वार्षिक ब्याज दर तय की है. यह ब्याज हर महीने आपके EPF खाते की क्लोजिंग बैलेंस पर कैलकुलेट होती है, लेकिन आपके खाते में यह साल में सिर्फ एक बार क्रेडिट की जाती है. यानी जितना पैसा आपके खाते में होगा उस पर साल के अंत में ब्याज जुड़ जाएगा.
लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आपका EPF खाता अगर लगातार 36 महीने तक इनएक्टिव रहता है, तो उस पर आपको ब्याज नहीं मिलेगा? इनएक्टिव का मतलब है कि खाते में कोई भी ट्रांजैक्शन नहीं हो रहा हो जैसे पैसे जमा होना या पैसे निकालना. क्योंकि केवल ब्याज क्रेडिट को ही ट्रांजैक्शन नहीं माना जाता.
PF खाता कब इनएक्टिव होता है?
EPFO की नियम के अनुसार, यदि आपका EPF खाता 3 साल यानी 36 महीने तक बिना किसी ट्रांजैक्शन के रहता है, तो वह इनएक्टिव यानी निष्क्रिय हो जाता है. इसका सीधा मतलब यह है कि उस खाते पर अब आपको कोई ब्याज नहीं मिलेगा. खासतौर पर अगर आप 55 साल की उम्र में रिटायर हो गए हैं, तो आपका खाता तीन साल तक ही एक्टिव माना जाएगा और 58 साल की उम्र के बाद यह खाता निष्क्रिय हो जाएगा.
इसलिए अगर आप नौकरी बदलते हैं तो ट्रांसफर करना बहुत जरूरी हो जाता है. यदि आप फिलहाल कोई नौकरी नहीं कर रहे हैं, तो EPF पैसे निकाल लेना बेहतर होगा ताकि आपका पैसा इनएक्टिव खाते में फंसे नहीं. EPFO की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से आप अपने खाते की स्थिति जान सकते हैं।
EPFO ने मेंबर्स को दी सलाह
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोगों को बताया कि अगर EPF खाता 36 महीने तक ट्रांसफर या विड्रवल नहीं किया गया, तो वह खाता इनएक्टिव हो जाएगा और उस पर ब्याज नहीं मिलेगा. EPFO का कहना है कि यदि आप अभी भी काम कर रहे हैं तो अपने पुराने खाते का पैसा नए EPF खाते में ट्रांसफर करें. अगर फिलहाल आप काम नहीं कर रहे हैं, तो बेहतर होगा कि EPF का पैसा निकाल लें.
















