छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है। केंद्र सरकार ने राज्य में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बजट वर्ष 2025-26 में 7,470 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह राशि वर्ष 2009-14 के दौरान मिले औसतन 311 करोड़ रुपये की तुलना में करीब 24 गुना अधिक है। इस बड़े निवेश से प्रदेश में चल रही लगभग 51,080 करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाओं को रफ्तार मिलेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद अगले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में पैसेंजर ट्रेनों की संख्या लगभग दोगुनी हो जाएगी, जिससे आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रोजाना 70 हजार यात्री कर रहे रेल सफर
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन करीब 70 हजार यात्री पैसेंजर ट्रेनों से सफर कर रहे हैं। रायपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, बिलासपुर, कोरबा और महासमुंद जैसे शहरों के बीच नौकरी और व्यापार के लिए बड़ी संख्या में लोग रोजाना आवाजाही करते हैं। अनुमान के अनुसार लगभग 40 प्रतिशत यात्रियों को मजबूरी में खड़े होकर यात्रा करनी पड़ती है। नई ट्रेनों के शुरू होने से सीटों की संख्या बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
216 ट्रेनें चल रहीं, पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी
फिलहाल राज्य में कुल 216 ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जिनमें 162 मेल-एक्सप्रेस और 54 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे की योजना के अनुसार अगले दो वर्षों में पैसेंजर ट्रेनों की संख्या लगभग दोगुनी की जाएगी। इससे यात्रियों की संख्या में भी करीब 50 प्रतिशत तक वृद्धि होने का अनुमान है।
बड़े प्रोजेक्ट्स से बदलेगी रेल तस्वीर
प्रदेश में चल रही 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे परियोजनाओं में नई रेल लाइनें, ट्रैक दोहरीकरण, शत-प्रतिशत विद्युतीकरण, स्टेशन विस्तार और आधुनिक यात्री सुविधाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के पूरा होने से दूर-दराज के इलाकों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी और रोजगार व व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
रावघाट रेल परियोजना 90 प्रतिशत पूरी
बस्तर क्षेत्र के लिए अहम रावघाट रेल परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस परियोजना का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसके शुरू होने से जनजातीय इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
सड़कों पर दबाव घटेगा, हादसों में आएगी कमी
पैसेंजर ट्रेनों की संख्या बढ़ने से लोग बसों और निजी वाहनों की बजाय रेल यात्रा को प्राथमिकता देंगे। इससे हाईवे और शहरों की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और सड़क हादसों में भी कमी आने की संभावना है।
डबल इंजन सरकार का बड़ा तोहफा: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस निवेश को राज्य के लिए ‘डबल इंजन’ सरकार का बड़ा तोहफा बताया। उन्होंने कहा कि रेलवे में हो रहा यह ऐतिहासिक निवेश छत्तीसगढ़ को रेल सुविधाओं के मामले में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए ट्रैक, स्टेशन कायाकल्प और आधुनिक ट्रेनों के जरिए प्रदेश में रेल यात्रा को और सुरक्षित व सुविधाजनक बनाया जा रहा है।
अमृत स्टेशन योजना से 32 स्टेशनों का कायाकल्प
अमृत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 32 रेलवे स्टेशनों का 1,674 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिकीकरण किया जा रहा है। डोंगरगढ़ और अंबिकापुर जैसे स्टेशन पहले ही तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा प्रदेश में वंदे भारत और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनें संचालित हो रही हैं। ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली और शत-प्रतिशत विद्युतीकरण से रेल यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित और सुगम हो गई है।
















