राजधानी दिल्ली में उद्योग भवन इलाके के पास बुधवार तड़के मजदूरों की एक बस्ती में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में टिन-शेड से बनी करीब 200 अस्थायी झुग्गियां जलकर पूरी तरह राख हो गईं। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 20 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। दमकलकर्मियों ने करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। इस हादसे में करीब 200 टिन-शेड पूरी तरह जलकर खाक हो गए।
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अनुसार, उन्हें सुबह 3:02 बजे एक कॉल प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि इलाके में एक इलेक्ट्रिक पैनल में आग लग गई है। शुरुआती आग तेजी से फैलते हुए पास-पास बने टिन-शेड रूम्स तक पहुंच गई, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। शुरुआत में मौके पर दमकल की दो गाड़ियां भेजी गईं, लेकिन आग की तीव्रता को देखते हुए इसे बड़ा ऑपरेशन घोषित किया गया और करीब 20 दमकल गाड़ियों को राहत कार्य में लगाया गया। दमकलकर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
दिल्ली में उद्योग भवन के पास मजदूरों की झुग्गी बस्ती में बुधवार तड़के लगी भीषण आग पर सुबह करीब 5:30 बजे काबू पा लिया गया। इस हादसे में लगभग 200 अस्थायी टिन-शेड आवास जलकर खाक हो गए। अधिकारियों के अनुसार, आग के दौरान कई एलपीजी सिलेंडर भी फट गए, जिससे आग और अधिक फैल गई और स्थिति को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया। दमकल विभाग ने शुरुआत में दो गाड़ियां मौके पर भेजीं, लेकिन आग की गंभीरता को देखते हुए इसे बड़े स्तर का ऑपरेशन घोषित किया गया और करीब 20 दमकल गाड़ियों को राहत कार्य में लगाया गया।
फायर ऑफिसर संदीप दुग्गल नेबताया कि घटनास्थल सेना भवन के पास स्थित है, जहां मजदूरों के रहने के लिए अस्थायी टिन शेड आवास बनाए गए थे। उन्होंने कहा कि यहां छोटे एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा था और अंदर बिजली के तार भी बेतरतीब तरीके से फैले हुए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आग लगने के सही कारण की पुष्टि अभी नहीं की जा सकती, लेकिन प्रारंभिक तौर पर आशंका है कि एलपीजी सिलेंडर या बिजली के तारों में से किसी एक कारण से आग लगी हो सकती है। इस हादसे में करीब 200 अस्थायी आवास जलकर खाक हो गए, जबकि राहत की बात यह है कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
















