मौसम विभाग ने अगले 72 घंटों के लिए पूर्वोत्तर भारत में तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और नागालैंड में 70 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे पेड़ गिरने का खतरा बढ़ गया है। इन राज्यों में बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है। हालांकि बारिश के कारण तापमान ज्यादा नहीं बढ़ेगा, लेकिन तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दिल्ली और उत्तर भारत में लू का असर
दिल्ली और उत्तर भारत के कई राज्यों में इस सप्ताह भीषण गर्मी और लू का प्रभाव जारी रहेगा। राजधानी दिल्ली में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की संभावना है और फिलहाल बारिश के कोई संकेत नहीं हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में भी तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं। लगातार बढ़ते तापमान के कारण सनबर्न और हीटवेव का खतरा भी बढ़ गया है, इसलिए दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में मौसम में बदलाव
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मौसम बदलने के आसार हैं। 24 अप्रैल के बाद नया विक्षोभ आने से ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, ओलावृष्टि और तेज बारिश हो सकती है। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल और चमोली में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के कारण कुछ रास्ते बंद हो गए हैं, हालांकि इससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।
दक्षिण भारत और मानसून का अनुमान
दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में गर्मी के बीच कुछ जगहों पर हल्की बारिश और धूल भरी आंधी की संभावना है। महाराष्ट्र और गुजरात में अगले दो दिनों तक धूल भरी हवाएं और हल्की बारिश हो सकती है, जिससे उमस बढ़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, इस साल मानसून जून में भारत पहुंच सकता है, लेकिन शुरुआत थोड़ी धीमी रहने की संभावना है। जून में उत्तर-पश्चिम भारत में तेज गर्मी और लू का असर जारी रह सकता है, जबकि पूर्वोत्तर और बिहार में अच्छी बारिश होने के आसार हैं।
















