छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने सत्र 2026-27 से 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की फीस में बढ़ोतरी कर दी है।
मंडल द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार नियमित परीक्षा शुल्क, अंकसूची शुल्क और प्रायोगिक परीक्षा शुल्क बढ़ाए गए हैं। इस फैसले का सीधा असर प्रदेश के लाखों हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यार्थियों पर पड़ेगा, जिन्हें अब बोर्ड परीक्षा के लिए पहले से अधिक राशि खर्च करनी होगी
छात्रों को देनी होई कितनी अधिक फीस
नए शुल्क ढांचे के तहत परीक्षा से जुड़े कई फीस में संशोधन किया गया है। पहले जहां विद्यार्थियों का कुल खर्च करीब 460 रुपये के आसपास पड़ता था, वहीं अब विभिन्न मदों को मिलाकर यह राशि लगभग 800 रुपये तक पहुंच सकती है।
नियमित परीक्षा शुल्क बढ़ाकर 480 रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही अंकसूची शुल्क बढ़कर 200 रुपये हो गया है। प्रायोगिक विषयों की परीक्षा फीस में भी वृद्धि की गई है।
CGBSE Exam Fees Hike के बाद अब बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों और अभिभावकों को अपने शैक्षणिक बजट में अतिरिक्त राशि जोड़नी पड़ेगी।
लाखों विद्यार्थियों पर पड़ेगा असर
छत्तीसगढ़ में हर साल बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में CGBSE Exam Fees Hike का प्रभाव केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके परिवारों पर भी पड़ेगा।
खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च चिंता का विषय बन सकता है। पहले से बढ़ती शिक्षा लागत, कोचिंग, किताबें और परिवहन खर्च के बीच परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी को कई अभिभावक अतिरिक्त आर्थिक बोझ के रूप में देख रहे हैं। हालांकि बोर्ड का मानना है कि परीक्षा संचालन और प्रशासनिक खर्चों को देखते हुए शुल्क संशोधन आवश्यक था।
फीस वृद्धि के फैसले के बाद शिक्षा जगत में चर्चा तेज हो गई है। छात्र संगठनों और अभिभावकों के बीच इस निर्णय को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कुछ लोगों का मानना है कि परीक्षा प्रबंधन और तकनीकी सुविधाओं के विस्तार के लिए शुल्क बढ़ाना जरूरी हो सकता है, जबकि कई अभिभावक इसे छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बता रहे हैं।
को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा शुरू हो गई है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बोर्ड को फीस बढ़ाने के साथ-साथ छात्रों को बेहतर सेवाएं और सुविधाएं भी सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि शुल्क वृद्धि का लाभ विद्यार्थियों को सीधे तौर पर मिल सके।
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने स्पष्ट कर दिया है कि संशोधित शुल्क संरचना शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रभावी होगी। इसका मतलब है कि आगामी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले सभी नियमित और संबंधित श्रेणी के विद्यार्थियों को नई दरों के अनुसार शुल्क जमा करना होगा।
















