रायपुर में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। टी-20 वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़े हाई-प्रोफाइल ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 37.50 लाख रुपये नकद और 3 लग्जरी कारें जब्त की गई हैं।
चलती कारों से हो रहा था सट्टे का संचालन
पुलिस को सूचना मिली थी कि गंज थाना क्षेत्र के नागोराव गली अंडरब्रिज के पास कुछ लोग लग्जरी गाड़ियों में बैठकर ऑनलाइन सट्टा चला रहे हैं। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर टीम ने इलाके में घेराबंदी कर जांच की। इस दौरान मौके पर खड़ी दो महिंद्रा थार और एक नेक्सा XL-6 कार संदिग्ध पाई गईं। तलाशी लेने पर गाड़ियों से भारी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।
मास्टर ID से चल रहा था करोड़ों का सट्टा
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अलग-अलग सट्टा वेबसाइटों के जरिए मास्टर ID बनाकर ऑनलाइन सट्टा खिलाते थे। गिरोह के सदस्य रखब देव पाहुजा और पीयूष जैन कमीशन के बदले मास्टर ID उपलब्ध कराते थे। पुलिस को इस सट्टा नेटवर्क के तार महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों से जुड़े होने के संकेत भी मिले हैं।
पहले भी जेल जा चुके हैं आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में रखब देव पाहुजा, जितेंद्र उर्फ जित्तू, दीपक अग्रवाल और सचिन जैन पहले भी जुआ एक्ट के मामलों में जेल जा चुके हैं। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह काफी समय से संगठित तरीके से ऑनलाइन सट्टे का धंधा चला रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
हवाला और फर्जी बैंक खातों की परतें खुलीं
पुलिस उपायुक्त (क्राइम) स्मृतिक राजनाला ने बताया कि जब्त की गई नकदी के संबंध में हवाला ट्रांजैक्शन और म्यूल बैंक अकाउंट (फर्जी खातों) के अहम सबूत मिले हैं। अब पुलिस पूरे नेटवर्क की फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन कर रही है, ताकि सट्टे की काली कमाई की पूरी श्रृंखला को उजागर किया जा सके।
कुल जब्ती: 92.50 लाख रुपये
नगद राशि: 37,50,000 रुपये.
लग्जरी गाड़ियां: 2 महिंद्रा थार और 1 नेक्सा XL-6 (कीमत करीब 50 लाख).
अन्य: 10 महंगे स्मार्टफोन (कीमत 5 लाख).
गिरफ्तार सटोरियों की प्रोफाइल:
रखब देव पाहुजा (भिलाई): मुख्य सप्लायर, पहले भी जेल जा चुका है.
पीयूष जैन (रोहिणीपुरम, रायपुर): मास्टर आईडी का खेल संभालने वाला.
जितेन्द्र कुमार कृपलानी उर्फ जित्तू (रायपुर): इलाके का पुराना सटोरिया.
दीपक अग्रवाल (बिलासपुर): सट्टे के कारोबार का अहम हिस्सा.
कमल राघवानी (गायत्री नगर, रायपुर): गिरोह का सक्रिय सदस्य.
सचिन जैन (गुढ़ियारी, रायपुर): सट्टा आईडी वितरण में शामिल.
पुलिस ने उन ग्राहकों की भी सूची तैयार कर ली है जो इन आरोपियों से आईडी लेकर सट्टा खेलते थे. जल्द ही उन पर भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
















