संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह से पाकिस्तान के कराची जा रहा एक पाकिस्तानी कार्गो विमान मंगलवार रात अचानक लापता हो गया। विमान में चालक दल के 5 सदस्य सवार थे। विमान के रडार और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूटने के बाद पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ने समुद्र में बड़े स्तर पर खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। PAA के मुताबिक, के-2 एयरवेज के बोइंग 737 कार्गो विमान ने मंगलवार रात करीब 9:18 बजे अपने नेविगेशन सिस्टम में तकनीकी खराबी की सूचना दी। इसके बाद कराची ACC ने तुरंत विमान को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
रडार पर नीचे उतरता दिखाई दिया था विमान
PAA ने बताया कि रात 9:22 बजे रडार पर विमान तेजी से नीचे उतरता हुआ दिखाई दिया। इसी दौरान उसने अचानक अपनी दिशा भी बदल ली। इसके कुछ ही देर बाद कराची से लगभग 155 नॉटिकल मील पश्चिम में विमान का रडार और संचार संपर्क पूरी तरह टूट गया। घटना के तुरंत बाद रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर को सक्रिय किया गया और विभिन्न सरकारी एजेंसियों की मदद से अरब सागर में खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।
बेहद खतरनाक तरीके से नीचे उतरा था विमान
वैश्विक फ्लाइट ट्रैकिंग सेवा फ्लाइटराडार24 के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, विमान पहले ऊंचाई खोता हुआ दिखाई दिया, फिर कुछ देर के लिए ऊपर चढ़ा, लेकिन उसके बाद अचानक बहुत तेजी से नीचे गिरने लगा। फ्लाइटराडार24 के मुताबिक, विमान से प्राप्त अंतिम डेटा में उसकी ऊंचाई समुद्र तल से करीब 1,100 फीट (335 मीटर) दर्ज की गई थी। उस समय विमान की नीचे उतरने की गति माइनस 22,400 फीट प्रति मिनट थी, जिसे विमानन विशेषज्ञ बेहद असामान्य और अत्यंत खतरनाक दर मानते हैं।
बलूचिस्तान के तट के पास भर रहा था उड़ान
स्थानीय मीडिया जियो न्यूज के अनुसार, विमान पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के ओरमारा तट के पास अरब सागर के ऊपर उड़ान भर रहा था, तभी वह लापता हो गया। पीएए ने बताया कि विमान की तलाश के लिए समुद्र में कई एजेंसियों को लगाया गया है और खोज अभियान लगातार जारी है। जानकारी के अनुसार, यह विमान पाकिस्तान की निजी कार्गो एयरलाइन के-2 एयरवेज का था, जो देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियमित तथा चार्टर कार्गो उड़ानों का संचालन करती है।
1999 में हुआ था इस विमान का निर्माण
यह बोइंग 737 विमान मूल रूप से एक यात्री विमान था, जिसका निर्माण 1999 में हुआ था। पहले इसका संचालन रूस की एयरोफ्लोट और इंडोनेशिया की गरुड़ा इंडोनेशिया एयरलाइंस ने किया था। बाद में 2012 में इसे कार्गो विमान में बदल दिया गया था।
















