प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की मौजूदगी में भारत और मलेशिया के बीच छह अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। कुआलालंपुर में हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने सांस्कृतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री मोदी की दो दिवसीय मलेशिया यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के बीच विस्तार से बातचीत हुई। विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, यह यात्रा भारत-मलेशिया की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। बातचीत में व्यापार, निवेश, सेमीकंडक्टर, रक्षा, सुरक्षा, समुद्री सहयोग, ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, डिजिटल और नई तकनीकों जैसे कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई।
किन क्षेत्रों में हुए समझौते
इस दौरे के दौरान सुरक्षा सहयोग, संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में भागीदारी, सेमीकंडक्टर विकास, स्वास्थ्य और चिकित्सा, आपदा प्रबंधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सहयोग से जुड़े समझौते और सहमति पत्र (MoU) साइन किए गए। इसके अलावा ऑडियो-विजुअल सह-निर्माण, व्यावसायिक शिक्षा और मलेशिया में काम कर रहे भारतीय श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़े समझौते भी हुए। इनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच संस्थागत और व्यावहारिक सहयोग को मजबूत करना है।
थिरुवल्लुवर केंद्र और नया वाणिज्य दूतावास
प्रधानमंत्री मोदी ने यूनिवर्सिटी मलाया में थिरुवल्लुवर केंद्र स्थापित करने और थिरुवल्लुवर छात्रवृत्तियां शुरू करने की घोषणा की। इसका मकसद महान तमिल कवि-दार्शनिक थिरुवल्लुवर की शिक्षाओं को बढ़ावा देना और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करना है।
इसके साथ ही भारत ने मलेशिया में अपना पहला वाणिज्य दूतावास खोलने का फैसला लिया है, जिससे राजनयिक संबंधों को मजबूती मिलेगी और भारतीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
आयुर्वेद, डिजिटल भुगतान और कनेक्टिविटी
यूनिवर्सिटी ऑफ साइबरजया और ITRA जामनगर के बीच सहयोग को खास माना जा रहा है। इससे आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।
डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एनपीसीआई इंटरनेशनल (NIPL) और मलेशिया की PayNet के बीच द्विपक्षीय भुगतान व्यवस्था पर सहमति बनी है, जिसमें UPI को जोड़ने की योजना है। इससे पर्यटकों, छात्रों और व्यापारियों को तेज और सस्ता भुगतान करने में सुविधा मिलेगी।
पर्यावरण और व्यापारिक सहयोग
मलेशिया ने इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह पहल बड़ी बिल्लियों के संरक्षण और जैव विविधता की सुरक्षा के लिए शुरू की गई है।
इसके अलावा 10वें भारत-मलेशिया CEO फोरम की रिपोर्ट दोनों प्रधानमंत्रियों को सौंपी गई, जिसमें व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए अहम सुझाव दिए गए हैं।
















