केंद्र सरकार के 50 लाख से अधिक कर्मचारी और करीब 69 लाख पेंशनर्स 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई और सालों से रुकी हुई आय को देखते हुए फिटमेंट फैक्टर 3.0 से 3.25 के बीच होना चाहिए। इसी मांग को लेकर नेशनल पोस्टल संगठनों के फेडरेशन (FNPO) ने आधिकारिक प्रस्ताव भी पेश किया है।
संगठन का कहना है कि इससे वेतन में असली सुधार होगा और कर्मचारियों की खरीदने की क्षमता बढ़ेगी। इसके अलावा 5% सालाना इंक्रीमेंट और बेहतर भत्तों की भी मांग की गई है। FNPO की इस मांग को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा चल रही है, और लोग लेवल-1 से लेवल-18 तक के कर्मचारियों की सैलरी का कैलकुलेशन कर रहे हैं।
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?
विशेषज्ञ और मार्केट एनालिस्ट इस मामले में सतर्क हैं। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का अनुमान है कि फिटमेंट फैक्टर करीब 1.8 रह सकता है। एंबिट कैपिटल का मानना है कि कुल सैलरी बढ़ोतरी 30-34% के बीच होगी, जो फिटमेंट फैक्टर 1.8 से 2.46 के दायरे में आती है। पूर्व वित्त सचिव एससी गर्ग का कहना है कि 1.92 से 2.08 के बीच का फैक्टर ज्यादा व्यवहारिक है, क्योंकि बहुत अधिक बढ़ोतरी सरकारी खजाने पर दबाव डाल सकती है।
FNPO के अनुसार सैलरी कितनी बढ़ सकती है?
फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी और पेंशन नई दर पर बदलती है। उदाहरण के लिए, अगर न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपए है और फिटमेंट फैक्टर 3.0 होता है, तो यह सीधे 54,000 रुपए हो जाएगा। 7वें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 था। इसलिए इसमें थोड़ा बदलाव भी सैलरी, पेंशन और DA पर बड़ा असर डाल सकता है।
अधिकतर जानकार मानते हैं कि सरकार कर्मचारियों की उम्मीदों और वित्तीय संतुलन के बीच रास्ता निकालेगी। ऐसे में अंतिम फिटमेंट फैक्टर 2.0 से 2.5 के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है। अब सबकी नजरें इसी फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि यही 8वें वेतन आयोग का सबसे अहम पहलू है।
3.0 फिटमेंट फैक्टर से कितनी बढ़ेगी सैलरी?
| ग्रेड | वर्तमान बेसिक पे | अनुमानित बेसिक पे |
| Level 1 | 18,000 | 54,000 |
| Level 2 | 19,900 | 59,700 |
| Level 3 | 21,700 | 65,100 |
| Level 4 | 25,500 | 76,500 |
| Level 5 | 29,200 | 87,600 |
| Level 6 | 35,400 | 106,200 |
| Level 7 | 44,900 | 134,700 |
| Level 8 | 47,600 | 142,800 |
| Level 9 | 53,100 | 159,300 |
| Level 10 | 56,100 | 168,300 |
| Level 11 | 67,700 | 203,100 |
| Level 12 | 78,800 | 236,400 |
| Level 13 | 118,500 | 355,500 |
| Level 13 | 131,100 | 393,300 |
| Level 14 | 144,200 | 432,600 |
| Level 15 | 182,200 | 546,600 |
| Level 16 | 205,400 | 616,200 |
| Level 17 | 225,000 | 675,000 |
| Level 18 | 250,000 | 750,000 |
फिटमेंट फैक्टर कैसे काम करता है? कैलकुलेशन से समझें (How will the fitment factor increase the salary?)
अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपए है और फिटमेंट फैक्टर 3.0 तय होता है, तो:
₹18,000 × 3.0 = ₹54,000
यानी बेसिक सैलरी सीधे बढ़कर ₹54,000 हो जाएगी।
फिटमेंट फैक्टर किन फैक्टर्स पर निर्भर करता है? (On what factors does the fitment factor depend?)
- महंगाई और जीवन-यापन की लागत
- CPI और CPI-IW के आंकड़े
- सरकार की वित्तीय स्थिति और बजट
- कुल वेतन खर्च की सीमा
- प्राइवेट सेक्टर से सैलरी की तुलना
- इंडस्ट्री सैलरी सर्वे और मार्केट बेंचमार्क
फैमिली यूनिट और खर्च की गणना… कैसे तय होता है फिटमेंट फैक्टर? (How is the fitment factor decided?)
वेतन आयोग सबसे निचले स्तर के कर्मचारी को आधार बनाता है।
फैमिली यूनिट: कर्मचारी + पत्नी/पति + 2 बच्चे (मौजूदा नियम), जिसे कर्मचारी को 1 यूनिट, पति/पत्नी को 1 यूनिट और दो बच्चों को आधा-आधा यूनिट माना जाता है, जो कुल मिलाकर तीन यूनिट होते हैं।
एक दिन में कितनी कैलोरी होनी चाहिए?
खाना, कपड़ा, शिक्षा, स्वास्थ्य, ट्रांसपोर्ट और न्यूनतम सामाजिक जरूरतें। इन सबका एक दिन का खर्च निकाला जाता है, फिर उसे 30 से गुणा कर महीने की न्यूनतम सैलरी तय होती है। इसके बाद उसी आधार पर ऊपर के लेवल की सैलरी तय होती है और डीए को शून्य से शुरू किया जाता है।
बढ़ी हुई सैलरी कब से आएगी?
8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से ड्यू माना जा रहा है, यानी नियमों के हिसाब से बढ़ी हुई सैलरी (8th pay commission salary hike 2026) इसी तारीख से मिलनी चाहिए। लेकिन मंजीत पटेल का कहना है कि आयोग को रिपोर्ट देने, कैबिनेट मंजूरी और लागू होने में करीब 18 से 24 महीने लग सकते हैं। ऐसे में कर्मचारियों के हाथ में बढ़ी सैलरी 1 जुलाई 2027 या 1 जनवरी 2028 से आने की पूरी संभावना है।
















