असम में सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो चुकी है। यहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर है।
असम की 126 सीटों पर 9 अप्रैल 2026 को मतदान हुआ था। 4 मई 2026, सोमवार को परिणामों की घोषित की जाएगी। जिसके लिए सुबह 8 बजे से मतों की गणना शुरू हो चुकी है। यहां चुनाव में 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। शुरुआती रुझानों में बीजेपी 99 सीटों से आगे चल रही हैं। जबकि 28 सीटों पर कांग्रेस बढ़त बनाए हुए हैं। अन्य 2 सीटों पर उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।
हिमंत बिस्व सरमा आगे, कांग्रेस की बिदिशा पीछे
असम की जालुकबारी सबसे हॉट सीटों में से एक है। यहां बीजेपी से हिमंत बिस्व सरमा सीएम के उम्मीदवार हैं। इनकी टक्कर में बिदिशा नियोग कांग्रेस से हैं। दिपिका दास निर्दलीय मैदान में हैं। यहां हिमंत बिस्व सरमा आगे चल रहे हैं। जबकि कांग्रेस की बिदिशा पीछे हैं। अभी चुनाव आयोग से अधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं।
असम की सत्ता की कुर्सी तक पहुंचने के लिए किसी भी दल या गठबंधन के पास 64 सीटें होना जरूरी है। इस बार मुकाबला मुख्य रूप से दो बड़े गुटों के बीच है। एक तरफ मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में BJP का गठबंधन है, जो इस बार जीत की हैट्रिक लगाने की कोशिश में है। भाजपा के साथ असम गण परिषद (AGP) और यूपीपीएल (UPPL) जैसे क्षेत्रीय दल मजबूती से खड़े हैं। दूसरी तरफ, कांग्रेस के नेतृत्व वाला ‘असम सम्मिलित मोर्चा’ है, जिसमें 6 दल शामलि हैं।
पिछले चुनाव में बीजेपी की सीटें?
असम विधानसभा चुनाव 2021 की बात करें तो बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन ने 75 सीटें जीतकर सत्ता में शानदार वापसी की थी। बीजेपी ने अकेले 60 सीटें जीती थीं, जबकि उसके सहयोगी दलों में असम गण परिषद (AGP) को 9 और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (UPPL) को 6 सीटें मिली थीं।
दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ‘महाजोत’ ने कड़ी टक्कर देने की कोशिश की थी। तब विपक्ष को कुल 50 सीटों पर संतोष करना पड़ा था, जिसमें कांग्रेस ने 29 सीटें जीती थीं। कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ी बदरुद्दीन अजमल की पार्टी AIUDF को 16 सीटें मिली थीं, जबकि बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BPF) ने 4 और सीपीएम (CPI-M) ने 1 सीट पर जीत हासिल की थी।
















