महाराष्ट्र के परभणी जिले के मानवत तालुका स्थित यशवाड़ी देवस्थान में बड़ा हादसा हो गया. मंदिर के गर्भगृह के सामने बन रहे सभामंडप का छत अचानक भरभराकर गिर गया, जिसके मलबे में 20 से 25 श्रद्धालुओं के दबे होने की आशंका है. हादसे के बाद प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं तथा युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है. मलबे में फंसे श्रद्धालुओं को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मलबे के नीचे दबे श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालना है और इसके लिए पूरे जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर काम कर रहा है.
घटना में घायल हुए श्रद्धालुओं को उपचार के लिए परभणी जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं, कुछ श्रद्धालुओं की मौत होने की भी प्रारंभिक जानकारी सामने आ रही है. प्रशासन की ओर से अभी आधिकारिक रूप से हताहतों की संख्या की पुष्टि नहीं की गई है.
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारी और स्थानीय एजेंसियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं. मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने के लिए स्थानीय नागरिकों की मदद से तत्काल बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है. घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए कई एम्बुलेंस बुलाई गई हैं और चिकित्सा दल भी तैनात किए गए हैं.
घटनास्थल पर कई अधिकारी मौजूद
इस भयानक हादसे के बाद मंत्री मेघना बोरदिकर ने पूरी घटना का संज्ञान लिया है और स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं. उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर उन्हें तत्काल सभी आवश्यक राहत सामग्री और क्रेन घटनास्थल पर भेजने का निर्देश दिया है. इसी तरह, एनसीपी विधायक राजेश विटेकर और जिले के अन्य प्रमुख नेताओं ने भी प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया है.
फिलहाल, प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मलबे के नीचे दबे श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालना है और इसके लिए पूरे जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर काम कर रहा है.















