छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित APL थर्मल पावर प्लांट में गुरुवार को एक बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। प्लांट के बॉयलर एरिया में कार्य के दौरान अचानक एक क्रेन गिर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक कर्मचारी घायल हो गया, जबकि अन्य कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना के तुरंत बाद इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (ERT) और सुरक्षा विभाग ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायल कर्मचारी को अस्पताल पहुंचाया। उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद पूरे प्लांट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है।
सुबह 11:42 बजे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, हादसा गुरुवार 6 अगस्त की सुबह लगभग 11:42 बजे हुआ। उस समय प्लांट के बॉयलर सेक्शन में नियमित रखरखाव और तकनीकी कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक क्रेन असंतुलित होकर गिर गई। क्रेन गिरते ही तेज आवाज के साथ पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। वहां काम कर रहे कर्मचारी सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। हादसे में एक कर्मचारी क्रेन की चपेट में आने से घायल हो गया।
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ERT और सुरक्षा टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही प्लांट की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (ERT), सुरक्षा विभाग और अन्य अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। टीम ने सबसे पहले पूरे क्षेत्र को खाली कराया और घायल कर्मचारी को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से उसे अस्पताल भेजा गया। अधिकारियों के मुताबिक घायल कर्मचारी को मामूली चोटें आई हैं और उसकी हालत स्थिर है।
मौके पर जुटे श्रमिक क्षेत्र किया गया सील
हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में श्रमिक और प्लांट कर्मचारी घटनास्थल के आसपास पहुंच गए। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा टीम ने पूरे बॉयलर एरिया की बैरिकेडिंग कर दी। प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही पर रोक लगा दी और केवल जांच टीम एवं अधिकृत कर्मचारियों को ही प्रवेश की अनुमति दी।
सुरक्षा मानकों की भी होगी समीक्षा
घटना के बाद प्लांट में लागू सुरक्षा व्यवस्थाओं और कार्यस्थल पर अपनाई जा रही प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जा रही है। प्रबंधन का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही सभी कर्मचारियों के लिए सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और उपकरणों की नियमित तकनीकी जांच पर विशेष जोर दिया जाएगा
















