रायगढ़, 19 जनवरी 2026/ जिले के आम नागरिकों को आसान, गुणवत्तापूर्ण और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने आज जिला कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक ली। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। तमनार और कापू विकासखंड में अब तक पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) शुरू नहीं होने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुसार नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को दोनों स्थानों पर एनआरसी शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान जिले में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को नजदीक ही सोनोग्राफी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल सोनोग्राफी सेवा शुरू करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि इस पहल से जरूरतमंद लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित और समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के निर्देश भी दिए। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में अनुशासन आएगा और मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा।
कलेक्टर ने क्षय रोग की जांच के लिए उपलब्ध हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन की स्थिति की जानकारी ली और इसके बेहतर उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत एएनसी पंजीयन, नियमित फॉलोअप और स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने तथा हाई रिस्क प्रेगनेंसी की लगातार निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी गर्भवती महिला एएनसी पंजीयन से वंचित न रहे। बैठक में शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत टीकाकरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई और सभी बच्चों का समय पर पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की नियमित निगरानी के निर्देश
कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास के तहत जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए नियमित मॉनिटरिंग करने और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, चिरायु योजना, मलेरिया नियंत्रण, कुष्ठ उन्मूलन, क्षय नियंत्रण, सिकल सेल नियंत्रण, अंधत्व निवारण, एनसीडी कार्यक्रम, टेली कंसल्टेशन, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम और आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के लिए गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, सिविल सर्जन डॉ. दिनेश पटेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैकरा सहित जिला स्वास्थ्य समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
















