अमरनाथ यात्रा के लिए ऑन-द-स्पॉट ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन बुधवार से शुरू हो गए है। प्रशासन ने 30 जून को टोकन बांटने शुरू किए थे। आज से पंजीकरण और आरएफआईडी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा शुक्रवार को तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को रवाना करेंगे
कैसे होगा रजिस्ट्रेशन
जम्मू में मंगलवार से ऑन-द-स्पॉट (मौके पर) रजिस्ट्रेशन के लिए टोकन बांटना शुरू किया गया। इसके बाद आज से रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं। जिन श्रद्धालुओं के पास टोकन होगा, उनका पंजीकरण किया जाएगा और आरएफआईडी कार्ड दिया जाएगा। टोकन प्राप्ति के लिए 10 जगहों पर काउंटर लगे हैं।
डीसी राकेश मिन्हास ने बताया कि तवी रिवरफ्रंट पर 10 टोकन काउंटर बनाए गए हैं। टोकन मिलने के बाद अगले दिन से रजिस्ट्रेशन और पहचान कार्ड (RFID) देने का काम शुरू होगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गीता भवन, राम मंदिर और भगवती नगर में भी रजिस्ट्रेशन काउंटर काम करेंगे। टोकन मिलने का समय सुबह छह बजे से है। यात्रा के समय सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ 150 रुपये शुल्क लगेगा।
57 दिनों तक चलेगी यात्रा
3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बाबा बर्फानी की यह यात्रा 57 दिनों तक चलेगी। यात्रा 3 जुलाई से दो रास्तों से शुरू होगी। पहला अनंतनाग जिले का पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा पहलगाम मार्ग और दूसरा गांदरबल जिले का छोटा लेकिन सीधा 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग। श्रद्धालुओं का पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रवाना कर दिया जाएगा।














