इसी महीने की 23 तारीख से राजधानी रायपुर में पुलिस आयुक्त (कमिश्नरी) प्रणाली लागू कर दी गई है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और बिलासपुर के पूर्व आईजी IPS डॉ. संजीव शुक्ला को रायपुर का पहला पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। उनके साथ दर्जन भर अधिकारियों को एडिशनल सीपी, डीसीपी और एसीपी के रूप में तैनात किया गया है। सभी अधिकारियों ने पदभार संभालने के बाद कामकाज शुरू कर दिया है।
इस बीच रायपुर पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला ने थाना क्षेत्रों से जुड़े एक अहम आदेश जारी किया है। उन्होंने कमिश्नरी सिस्टम लागू होने से पहले जारी किए गए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादला आदेशों पर रोक लगा दी है। जारी आदेश में कहा गया है कि आरक्षक से लेकर निरीक्षक स्तर तक के जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण आदेश पहले जारी हुए थे, उन्हें फिलहाल स्थगित किया जाता है। साथ ही, जिनकी नई पदस्थापना पर रवानगी बाकी है, उन्हें रिलीव नहीं किया जाएगा।

लॉ एंड ऑर्डर पर सख्ती, अधिकारियों को निर्देश
इससे पहले शनिवार रात पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला ने कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने कमिश्नरी सिस्टम की जानकारी दी और पुलिसिंग की प्राथमिकताओं पर जोर दिया।
कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चालान के नाम पर वाहन चालकों को बेवजह परेशान न किया जाए। उन्होंने शहर में अपराध नियंत्रण और बेहतर कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि रायपुर कमिश्नरी क्षेत्र में पुलिस आयुक्त की अनुमति के बिना कोई धरना, प्रदर्शन या रैली आयोजित नहीं की जाएगी। इसके अलावा तय समय के बाद बार, कैफे और रेस्टोरेंट अनिवार्य रूप से बंद कराए जाएं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मीटिंग में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, सभी डिप्टी पुलिस आयुक्त, एडिशनल डीसीपी, एसीपी और थाना प्रभारी मौजूद रहे।
















