पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। बीते 48 घंटे में दूसरी बार एलओसी के पास संदिग्ध ड्रोन देखे गए हैं। इस बार जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में LoC के नजदीक ड्रोन की गतिविधि नजर आई।
लगातार दो बार संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन दिखाई देने के बाद भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की। सेना के सूत्रों के अनुसार, ये ड्रोन सर्विलांस के मकसद से इलाके में मंडरा रहे थे। फायरिंग के बाद ड्रोन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की दिशा में वापस लौट गए।
इन इलाकों में दिखे ड्रोन्स
पाकिस्तानी ड्रोन्स मंगलवार को शाम करीब 7 बजे राजौरी के चिंगुस इलाके के डुंगा गाला क्षेत्र में भारतीय सीमा में घुसे। जब भारतीय सेना ने एंटी ड्रोन सिस्टम एक्टिव किया तो ये ड्रोन्स गायब हो गए। इसके बाद एक बार फिर से शाम करीब 7.35 बजे दो ड्रोन जैसे ऑब्जेक्ट धरि धरा गांव में स्पॉट किए गए।
क्या हो सकता है मकसद?
पिछले तीन दिनों में जम्मू-कश्मीर में ड्रोन दिखने की यह दूसरी घटना है। बार-बार हो रही ऐसी गतिविधियों को देखते हुए एलओसी पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान ड्रोन के जरिए घुसपैठ कराने या हथियार व नशीले पदार्थ गिराने की कोशिश कर सकता है।
ऑपरेशन सिंदूर अभी ऑन है- आर्मी चीफ
इससे पहले रविवार देर शाम भी जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में पाकिस्तानी ड्रोन नजर आए थे। नौशेरा सेक्टर, धरमसाल सेक्टर, रियासी, सांबा और पुंछ के मंकोट सेक्टर में एक साथ कुल पांच ड्रोन देखे गए थे। हालांकि इन घटनाओं में किसी तरह के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।
पाकिस्तानी ड्रोन गतिविधियों को लेकर भारतीय सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है और ऑपरेशन सिंदूर फिलहाल जारी है।
बिलावर में घेरे गए आतंकी
दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बिलावर इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है। यह मुठभेड़ उस समय शुरू हुई, जब सुरक्षाबल इलाके में तलाशी अभियान चला रहे थे।
बताया जा रहा है कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकियों ने गश्त कर रही सुरक्षा टीम पर अचानक फायरिंग कर दी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू की। फिलहाल पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और आतंकियों की तलाश तेज कर दी गई है।
















