Raigarh News : रायगढ़। भाजपा द्वारा चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत भाजपा नेता, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी कैमरों के सामने झाड़ू लगाते, सफाई करते और सेवा कार्य करते दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस सेवा कार्य के नाम पर किए जा रहे किसी भी प्रयास का विरोध नहीं करती, लेकिन भाजपा से इतना जरूर पूछना चाहती है कि जब सरकार को जनता की सेवा का इतना ही संकल्प है, तो जनता की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान जमीन पर दिखाई क्यों नहीं दे रहा है?

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि सेवा संकल्प का मतलब एक दिन हाथ में झाड़ू लेकर फोटो खिंचवाना नहीं, बल्कि पूरे साल जनता की परेशानियों को दूर करने की जिम्मेदारी निभाना है। आज रायगढ़ की जनता पूछ रही है कि यदि सरकार और उसके जनप्रतिनिधि सेवा के लिए इतने प्रतिबद्ध हैं तो शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई हुई क्यों है? जगह-जगह गंदगी और कचरा क्यों दिखाई देता है? मच्छरों का प्रकोप और डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा लगातार क्यों बना हुआ है?
उन्होंने कहा कि भाजपा को सेवा संकल्प अभियान के बीच जनता के इन सवालों का जवाब भी देना चाहिए—
गरीब परिवार महंगाई की मार क्यों झेल रहा है?
युवाओं के सामने रोजगार का संकट क्यों बना हुआ है?
राशन कार्डधारी परिवारों को नियमित चावल के लिए परेशान क्यों होना पड़ रहा है?
अंत्योदय परिवारों को महीनों से शक्कर क्यों नहीं मिल रही है?
आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद पात्र मरीजों को इलाज के लिए परेशान क्यों होना पड़ रहा है?
जरूरतमंद परिवारों के बीपीएल राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया इतनी जटिल क्यों है?
शाखा यादव ने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति परिवारों के बच्चों के नाम राशन कार्ड में जुड़वाने के लिए जाति प्रमाण पत्र जैसी दस्तावेजी बाध्यताओं से गरीब परिवार परेशान हैं। बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र जैसी बुनियादी नागरिक सुविधा के लिए भी यदि परिवारों को अनावश्यक दस्तावेजी उलझनों से गुजरना पड़े, तो सरकार को यह बताना चाहिए कि आखिर ईज ऑफ लिविंग के दावों का आम आदमी के जीवन में असर कहां है?
उन्होंने कहा कि रायगढ़ शहर में बिजली गुल की समस्या, बदहाल सड़कें, जगह-जगह गड्ढे, खराब स्ट्रीट लाइटें और सफाई व्यवस्था की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। अनेक वार्डों में स्ट्रीट लाइट मरम्मत के लिए आवश्यक सामग्री तक उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें हैं। ऐसे में सवाल यह है कि करोड़ों रुपये के विकास के दावों के बीच आम नागरिक को अंधेरे, गड्ढों और गंदगी से कब मुक्ति मिलेगी?
शाखा यादव ने कहा कि अगर सेवा संकल्प वास्तव में जनता की सेवा का अभियान है तो इसका पहला संकल्प होना चाहिए—हर वार्ड की नियमित सफाई,मच्छर उन्मूलन दवाई का छिड़काव,हर खराब स्ट्रीट लाइट की मरम्मत, सड़कों की तत्काल मरम्मत, निर्बाध बिजली व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, मच्छरों और डेंगू की रोकथाम तथा गरीब परिवारों को राशन का नियमित वितरण।
उन्होंने कहा कि भाजपा को फोटो अभियान से आगे बढ़कर फाइलों और मैदान दोनों में काम दिखाई देना चाहिए। जनता को यह जानना है कि अभियान के दौरान कितने फोटो खिंचे, यह नहीं; जनता को यह देखना है कि उसके मोहल्ले की नाली साफ हुई या नहीं, स्ट्रीट लाइट जली या नहीं, सड़क बनी या नहीं, पानी मिला या नहीं और गरीब के राशन की समस्या दूर हुई या नहीं।
शाखा यादव ने व्यंग्य करते हुए कहा कि—
“कैमरे के सामने झाड़ू लगाने से तस्वीर जरूर चमक सकती है, लेकिन शहर नहीं। सोशल मीडिया पर सेवा की तस्वीर वायरल हो सकती है, लेकिन जनता की परेशानी वायरल तस्वीर से दूर नहीं होती।”
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को यह समझना होगा कि जनता को दिखावटी सेवा नहीं, रोजमर्रा के जीवन में वास्तविक राहत चाहिए। जिस दिन गरीब को राशन के लिए लाइन में और दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, जिस दिन मरीज को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, जिस दिन बच्चे के दस्तावेज बनवाने के लिए परिवार परेशान नहीं होगा, जिस दिन हर वार्ड की सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट व्यवस्थित होगी और जिस दिन शहर की सफाई व्यवस्था नियमित रूप से दुरुस्त रहेगी—उस दिन जनता खुद कहेगी कि सरकार ने सेवा का संकल्प निभाया है।
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उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का असली मंच सोशल मीडिया नहीं, जनता का मोहल्ला है; असली प्रमाण कैमरे की तस्वीर नहीं, जनता की संतुष्टि है।
भाजपा चाहे तो रोज कैमरे के सामने झाड़ू लगाए, लेकिन कांग्रेस यह सवाल उठाती रहेगी कि जिस झाड़ू को कैमरे के सामने चलाया जा रहा है, वह जनता की समस्याओं पर कब चलेगी?
जनता को फोटो नहीं, सुविधा चाहिए।
नारा नहीं, समाधान चाहिए।
दिखावा नहीं, जवाबदेही चाहिए।















