छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है।
झारखंड के विभिन्न इलाकों में सक्रिय 8 नक्सलियों ने आज पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। बताया जा रहा है कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में 5 महिला नक्सली शामिल है। इन सभी पर शासन द्वारा 49 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
बता दें कि मिसिर बेसरा की गिरफ्तारी के बाद नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है, इसके बाद कई नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। सरेंडर करने वालों में अश्विन उर्फ लच्छू, रंगा उर्फ सोहन और दोबा माड़वी उर्फ राहत पर 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सभी बस्तर के ही निवासी बताए जा रहें है।
खूंखार नक्सली मिसिर बेसरा गिरफ्तार
आपको बता दें कि जवानों ने झारखंड के धनबाद जिले से शीर्ष माओवादी मिसिर बेसरा को मंगलवार शाम को गिरफ्तार किया था। बेसरा पर एक करोड़ रुपये से अधिक का इनाम था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बेसरा झारखंड और ओडिशा समेत कई राज्यों में माओवादी गतिविधियों से जुड़े कई मामलों में वांछित था। बेसरा को धनबाद के बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के मनियाडीह इलाके से गिरफ्तार किया गया।
इससे पहले मंगलवार को झारखंड पुलिस के समक्ष 16 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। इनमें से छह माओवादियों पर कुल 39 लाख रुपये का इनाम घोषित था। अधिकारी के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में संतोष महतो उर्फ वासुदेव दा उर्फ दिलीप भी शामिल था, जो 128 मामलों में वांछित था और उस पर 15 लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में दो सब-जोनल कमेटी सदस्य और दो एरिया कमेटी पदाधिकारी भी शामिल थे।
हिंसक विचारधारा से हुआ मोहभंग, इन्होंने किया समर्पण
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में 30 वर्षीय अश्विन ऊर्फ लच्छू, रंगा ऊर्फ सोहन और दोबा माड़वी ऊर्फ राहत हैं, इन सभी पर 8 लाख रुपए का ईनाम था। वहीं, 28 वर्षीय फगनी पोयम उर्फ रजनी, 25 वर्षीय सूरज मुन्नी चम्पिया उर्फ सुबनी, 27 वर्षीय हिड़मे कड़ती उर्फ रीता, 25 वर्षीय बुधरी कुंजाम उर्फ अनुषा और 20 वर्षीय सलमी चम्पिया उर्फ जिलानी के ऊपर 5-5 लाख रुपए का ईनाम था।















