बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शुक्रवार को प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। न्यू बस स्टैंड के पीछे स्थित अवैध बस्ती में बुलडोजर चलाते हुए कुल 75 मकानों को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। दोपहर तक करीब 20 मकान ध्वस्त किए जा चुके थे, जबकि शेष पर कार्रवाई जारी रही।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए नगर पालिका बीजापुर, तहसील प्रशासन और पुलिस का भारी बल मौके पर मौजूद रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से कुछ समय की मोहलत देने की मांग की, हालांकि अधिकारी अपने फैसले पर अडिग नजर आए।

ग्रामीणों का दावा—2022 से रह रहे हैं यहां
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे वर्ष 2022 से यहां मकान बनाकर रह रहे हैं। उनका आरोप है कि कार्रवाई से पहले न तो मुनादी कराई गई और न ही उन्हें सामान हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। ग्रामीणों ने कम से कम दो दिन की मोहलत की मांग की, ताकि वे घरों में रखा जरूरी सामान निकाल सकें।
प्रशासन का पक्ष—दो बार जारी किया गया नोटिस
वहीं, मुख्य नगरपालिका अधिकारी बी.एल. नुरेटी और तहसीलदार पंचराम सलामे ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए दो बार नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया, जिसके चलते नियमानुसार बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई में कुल 75 अवैध मकान शामिल हैं।
अवैध धान परिवहन पर भी सख्ती
इधर, राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को पारदर्शी बनाने के लिए सरकार लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी कड़ी में 13 जनवरी 2026 को चार जिलों में संयुक्त कार्रवाई की गई, जहां अवैध धान परिवहन, भंडारण और बिक्री पर शिकंजा कसा गया।
धान और वाहन जब्त
संयुक्त अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में अवैध धान और उसे ले जाने वाले वाहनों को जब्त किया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
















