सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पैकेट बंद खाने के वॉर्निंग लेबल पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (FSSAI) को आखिरी चेतावनी दी है। कोर्ट ने कहा कि नमकीन, बिस्किट और चिप्स के पैकेट पर ज्यादा चीनी-नमक और फैट की चेतावनी देने वाले वार्निंग लेबल लगाने पर अगर फैसला नहीं ले पा रहे है तो हम आदेश जारी करेंगे।
बंद पैकेट के खाने पर सुप्रीम कोर्ट का FSSAI को आखिरी मौका।
FSSAI को कोर्ट का आखिरी मौका
कोर्ट ने कहा, यह आपका आखिरी मौका है। अगली बार हम खुद फैसला लेंगे। फरवरी में दिया गया उसका पिछला आदेश महज सुझाव नहीं, बल्कि FSSAI के लिए निर्देश था। कोर्ट ने पूछा, क्या आप नहीं चाहते कि इस देश के लोग स्वस्थ रहें? खासकर बड़े होते बच्चे?
FSSAI का क्या कहना है
FSSAI ने कहा, तय गाइडलाइन के आधार पर पैकेट पर एक्स्ट्रा शुगर की लिमिट 25 ग्राम, फैट 10 ग्राम और नमक 5 ग्राम प्रतिदिन बताने का सुझाव है।
कोर्ट ने दिया 2 हफ्ते का वक्त
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने पैकेट पर चेतावनी देने के बजाय FSSAI के चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट की डेली तय मात्रा बताने के सुझाव पर सवाल उठाया। याचिकाकर्ता ने कहा था कि ग्राहक हिसाब लगाता ही रह जाएगा कि उसे क्या और कितना खाना है। जस्टिस पारदीवाला ने सवाल उठाया कि क्या FSSAI फूड इंडस्ट्री के दबाव में काम कर रहा है। कोर्ट ने FSSAI को अपने फैसले पर दोबारा सोचने के लिए 2 हफ्ते दिए














