बुधवार से शुरू हो रहे संसद के बजट सत्र में वैसे तो सबसे अहम मुद्दा आम बजट ही रहेगा, लेकिन इससे पहले ही संकेत मिल रहे हैं कि सत्र के दौरान हंगामा भी देखने को मिल सकता है। सत्र खत्म होते ही पांच राज्यों में होने वाले चुनावों के चलते संसद में राजनीतिक माहौल गर्म रहने की संभावना है।
मंगलवार को हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने विपक्ष की वीबी-जीरामजी कानून और एसआईआर विवाद पर चर्चा की मांग को खारिज कर दिया। सरकार का कहना है कि इन दोनों मुद्दों पर पहले ही संसद में चर्चा हो चुकी है, इसलिए अब दोबारा बहस करने का कोई औचित्य नहीं है। सरकार ने साफ किया कि वह इन मामलों में ‘गियर रिवर्स’ नहीं कर सकती।
वहीं, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बजट सत्र से एक दिन पहले हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार द्वारा अपने विधायी एजेंडे की जानकारी न देने को लेकर कड़ी नाराज़गी जताई। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इसे संसदीय परंपराओं के खिलाफ बताया।
बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संसद के दोनों सदनों में संयुक्त अभिभाषण के साथ बजट सत्र के पहले चरण की शुरुआत होगी। इस चरण का सबसे अहम एजेंडा एक फरवरी को लोकसभा में पेश होने वाला आम बजट होगा।
बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद चार हफ्ते के अवकाश के बाद दूसरा चरण नौ मार्च से शुरू होकर दो अप्रैल तक चलेगा। सत्र के सुचारू संचालन को लेकर मंगलवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। इस बैठक में कांग्रेस नेता जयराम रमेश, तृणमूल कांग्रेस की सागरिका घोष, माकपा के जॉन ब्रिटास सहित कई विपक्षी नेताओं ने सरकार पर कामकाज का एजेंडा साझा न करने का आरोप लगाया।

संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजीजू ने कहा कि इसे उचित समय पर साझा किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, विपक्ष के सभी दल मनरेगा को समाप्त कर वीबी जीरामजी नाम से नई रोजगार योजना लाने, एसआईआर में खामियों, चुनावी राज्यों में ईडी के छापों, अमेरिकी टैरिफ, विदेश नीति, वायु प्रदूषण, रुपये में गिरावट और किशोरों के इंटरनेट मीडिया उपयोग पर पाबंदी जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहे हैं।
विपक्षी पार्टियों का तर्क था कि वीबी-जीरामजी विधेयक उसके गंभीर एतराज और विरोध के बावजूद पारित किया गया। इस पर रिजीजू ने कहा कि संसद से पारित कानून का पालन करना होता है और हम गियर रिवर्स नहीं कर सकते। बंगाल में एसआइआर पर चर्चा की तृणमूल कांग्रेस की मांग पर कहा कि पिछले सत्र में चुनावी सुधारों पर व्यापक चर्चा हुई थी और फिर बहस की मांग अनुचित है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि वे अपने मुद्दे उठाएं, लेकिन हंगामा न करें।
-1769538967052.jpg)
बैठक के बाद विधायी एजेंडा साझा न करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह साल का पहला सत्र है और आमतौर पर सरकारी कामकाज की सूची राष्ट्रपति अभिभाषण के बाद साझा की जाती है। हालांकि सरकार अपना एजेंडा साझा करने के लिए तैयार है और यह कोई मुद्दा नहीं है। संसद को सुचारू रूप से चलाना ही मुख्य लक्ष्य है। बैठक में शामिल तृणमूल सांसद सागरिका घोष ने कहा कि हमने अपने मुद्दे उठाने और विपक्ष को समय देने की आवाज जोरदार तरीके से उठाते हुए कहा कि संसद एकतरफा रास्ता नहीं और न ही सरकार के लिए केवल नोटिस बोर्ड।
जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए जांच समिति की रिपोर्ट की प्रतीक्षा : रिजीजू
अपने सरकारी आवास पर जले हुए नोटों की गड्डियां मिलने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट वापस भेजे गए जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की प्रक्रिया बजट सत्र के पहले चरण में आगे बढ़ने की संभावना नहीं है।
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि जस्टिस वर्मा पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया चल रही है और सरकार उनके खिलाफ आरोपों की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रही है। स्पीकर ने बीते वर्ष मानसून सत्र के दौरान 12 अगस्त को जस्टिस वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए यह समिति बनाई थी।
















