रायगढ़, 20 जनवरी।
थाना चक्रधरनगर क्षेत्र के इंदिराविहार में वन विभाग द्वारा संरक्षित क्षेत्र की सुरक्षा के लिए लगाए गए फेंसिंग तार की चोरी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी में इस्तेमाल की गई होंडा एक्टिवा स्कूटी, करीब 25 मीटर फेंसिंग तार और तार काटने के लिए उपयोग किए गए दो लोहे के प्लास जब्त किए हैं।
इस संबंध में 19 जनवरी 2026 को इंदिराविहार प्रभारी उप वनक्षेत्रपाल स्वर्णलता लकड़ा द्वारा थाना चक्रधरनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि वह डिप्टी रेंजर और वनरक्षक के साथ इंदिराविहार क्षेत्र में गश्त पर थीं। इसी दौरान दोपहर लगभग 3 बजे उन्होंने तीन लोगों को वन विभाग की सुरक्षा के लिए लगाए गए फेंसिंग तार को निकालते हुए देखा, जिनमें से कुछ तार स्कूटी में रखे जा रहे थे। टीम के पहुंचते ही दो आरोपी मौके से फरार हो गए, जबकि एक आरोपी को पकड़ लिया गया।

मौके पर खड़ी स्कूटी क्रमांक CG 13 BE 5109 की डिक्की और आसपास करीब 25 मीटर फेंसिंग तार मिला। पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम शत्रुघन बरेठ पिता खिकराम बरेठ निवासी बोईरदादर बताया और बताया कि उसके साथ दिनबंधु वैष्णव एवं संतराम वैष्णव भी चोरी में शामिल थे।
रिपोर्ट के आधार पर थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 17/2026 धारा 303(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। सहायक उप निरीक्षक नंद कुमार सारथी, प्रधान आरक्षक श्याम देव साहू एवं पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार दोनों आरोपियों संतराम बैरागी और दिनबंधु बैरागी को भी हिरासत में ले लिया।

तीनों आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर चोरी में प्रयुक्त होंडा एक्टिवा स्कूटी क्रमांक CG 13 BE 5109, लगभग 25 मीटर फेंसिंग तार तथा तार काटने में इस्तेमाल किए गए दो लोहे के प्लास जब्त किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों में (1) शत्रुघन बरेठ पिता खिकराम बरेठ उम्र 60 वर्ष निवासी ग्राम अड़भार थाना अड़भार जिला शक्ति, वर्तमान पता विनोबानगर थाना चक्रधरनगर, (2) संतराम बैरागी पिता शिवचरण बैरागी उम्र 33 वर्ष निवासी विनोबानगर कचरा गोदाम के पास थाना चक्रधरनगर तथा (3) दिनबंधु बैरागी पिता भगवानदास बैरागी उम्र 35 वर्ष निवासी विनोबानगर कचरा गोदाम के पास थाना चक्रधरनगर जिला रायगढ़ शामिल हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।
















