असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में आज विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है। असम की 126 विधानसभा सीटों पर वोटिंग है। केरल में 140 विधानसभा सीटों पर वोटिंग है। पुडुचेरी में 30 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। यानी 2 राज्यों एवं एक केंद्र शासित प्रदेश के कुल 296 विधानसभा सीटों पर गुरुवार को वोट डाले जा रहे हैं। असम, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में मतदान हो रहे हैं।
2 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में वोटिंग सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगी। इन सभी राज्यों के वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी। वोटिंग को लेकर इन तीनों ही राज्यों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
विधानसभा चुनाव में असम और केरल की कई सीटें ऐसी हैं, जिन्हें हाई-प्रोफाइल और प्रतिष्ठित सीटें माना जा रही हैं। इन सीटों पर बड़े नेताओं की साख दांव पर है और इनके नतीजे चुनाव की दिशा तय कर सकते हैं।
असम की दिसपुर, जोरहाट, डिब्रूगढ़, नगांव, सिलचर, धुबरी इसके साथ ही सीमावर्ती क्षेत्र की अहम सीट राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वहीं, केरल की तिरुवनंतपुरम, नेमोम, पलक्कड़, त्रिशूर, मंजेश्वरम और कोझिकोड नॉर्थ सीट राज्य की हॉट सीटें हैं, जिस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।
केरल में अब तक 4.40 प्रतिशत हुआ मतदान
केरल विधानसभा चुनाव के तहत मतदान की शुरुआत के साथ ही शुरुआती घंटों में वोटिंग की रफ्तार धीमी रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य में अब तक कुल 4.40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।
मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही धीरे-धीरे बढ़ रही है और चुनाव अधिकारियों को उम्मीद है कि दिन चढ़ने के साथ मतदान प्रतिशत में तेजी आएगी।
सीएम पिनरायी विजयन ने डाला वोट
केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने धर्मडम में अपना वोट डाला, जब CM पहुंचे तो बूथ में मतदाताओं की लम्बी कतार थी लेकिन उन्हें सीधी एंट्री मिली। मतदान के बाद बूथ के बाहर मीडिया को सम्बोधित करते हुए CM ने कहा कि ये चुनाव केरल के भविष्य का चुनाव है विकसित केरल को और ज्यादा गति LDF ही दे सकती है। कठिन चुनौतियों के बावजूद LDF के 10 साल का ट्रेक रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। जनता उससे पहले के शासन को भी नहीं भूली है, CM ने कहा कि अगर LDF नहीं है तो राज्य में विकास की गति पर ब्रेक लग जायेगा।














