हर महीने आपकी सैलरी का एक हिस्सा पीएफ खाते में जमा किया जाता है, जिसे ईपीएफओ (EPFO) मैनेज करता है। आमतौर पर यह राशि रिटायरमेंट के बाद मिलती है, लेकिन कुछ खास परिस्थितियों में इसे पहले भी निकाला जा सकता है। ईपीएफओ की ओर से हर कर्मचारी को एक यूएएन (UAN) नंबर दिया जाता है।
अगर किसी कर्मचारी के नाम पर दो यूएएन नंबर जारी हो जाएं, तो इससे कई तरह की दिक्कतें पैदा हो सकती हैं। ऐसे में पीएफ ट्रांसफर, निकासी और केवाईसी से जुड़ी समस्याएं सामने आती हैं। आइए जानते हैं कि एक से ज्यादा यूएएन होने पर क्या परेशानियां आती हैं और इन्हें ठीक करने का सही तरीका क्या है।
कैसे बन जाता है एक से ज्यादा UAN?
जब कोई कर्मचारी जॉब बदलता है, उस समय कई कारणों से आपके दूसरा यूएएन नंबर बन जाता है। इनमें-
- अगर आपने पूराना यूएएन नंबर नई कंपनी को शेयर न किया हो।
- नई कंपनी की एचआर द्वारा इसे ठीक तरह से लिंक न किया हो।
- कभी-कभी अलग-अलग डॉक्यूमेंट में आपके अलग-्अलग नाम होते हैं।
- आधार लिंक न होना या जन्मतिथि पुराने रिकॉर्ड में गलत होना। इत्यादि
एक से ज्यादा UAN नंबर में क्या आती है परेशानी?
- ट्रांसफर में परेशानी
- विड्रॉल में दिक्कत
एक से ज्यादा UAN नंबर पर क्या करें?
कितने यूएएन नंबर एक्टिव है?
सबसे पहले यह पता करना जरूरी है कि आपके नाम पर कितने यूएएन नंबर एक्टिव हैं। इसकी जानकारी आप अपने पुराने ऑफिस की सैलरी स्लिप से ले सकते हैं। इसके अलावा ईपीएफ पासबुक में भी यूएएन नंबर दर्ज होता है। अक्सर लोगों को लगता है कि उनके नाम पर सिर्फ एक ही यूएएन होता है, लेकिन कई मामलों में ऐसा नहीं होता।
कौन-सा यूएएन नंबर चाहिए?
अब आपको ये तय करना होगा कि आपको कौन-सा यूएएन नंबर एक्टिव रखना है। जो यूएएन नंबर आपको मौजूदा कंपनी से मिला है। वहीं आपका आगे तक चलेगा।
डिटेल्स चेक करें
अब आप पुराने यूएएन को नए में ट्रांसफर करने से पहले अच्छे से चेक कर लें। ताकि किसी भी तरह की परेशानी न हो। आपको छोटी से छोटी डिटेल भी अच्छे से चेक करनी होगी। जैसे आधार, पैन और बैंक डिटेल्स, नाम की स्पेलिंग इत्यादि
अगर ये डिटेल मेल नहीं खाएगी, तो आपको ट्रांसफर करने में परेशानी आ सकती है।
ईपीएफ ट्रांसफर करें
अगर डिटेल्स मैच करती है तो आप अपने पूराने यूएएन नंबर का बैलेंस नए नंबर पर कर सकते हैं। आजकल पुराना यूएएन नंबर का बैलेंस ऑटोमेटिक नए यूएएन नंबर पर ट्रांसफर हो जाता है। ये ट्रांसफर होने में कुछ दिन का वक्त ले सकता है।
पुराना नंबर डिएक्टिवेट करें
जब पुराने यूएएन से नया यूएएन नंबर पीएफ राशि ट्रांसफर हो जाए, तो इसके बाद आपको पुराने यूएएन को डिएक्टिवेट कराने का अनुरोध करना जरूरी होता है। यदि फंड पहले ही ट्रांसफर हो चुका है, तब भी पुराने यूएएन नंबर को सक्रिय रहने देना सही नहीं है, इसलिए उसे अनिवार्य रूप से बंद (Deactivate) कराना चाहिए।















