आज ज्यादातर निवेशक म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में SIP के माध्यम से ही निवेश करते हैं। इसका कारण यह है कि SIP के जरिए निवेश किस्तों में किया जा सकता है, जिससे आपकी निवेश रकम रोजमर्रा के खर्चों पर ज्यादा असर नहीं डालती। म्यूचुअल फंड के आकर्षक रिटर्न को देखते हुए लोग इसमें बढ़-चढ़कर निवेश करते हैं, लेकिन कई बार उतनी ही जल्दी इससे बाहर भी निकल जाते हैं।
जरूरी नहीं कि हर म्यूचुअल फंड हमेशा अच्छा रिटर्न दे। कुछ फंड ऐसे भी होते हैं, जो निवेशकों की राशि पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। आज हम आपको उन 5 मुख्य कारणों के बारे में बताएंगे, जिनकी वजह से लोग अपने म्यूचुअल फंड SIP को बंद कर रहे हैं।
1. जल्दी रिटर्न की उम्मीद
अक्सर निवेशक एसआईपी को शॉर्ट टर्म निवेश मान लेते हैं। लेकिन इसका फायदा हमें लंबे समय तक निवेश करने भी दिखता है। ये देखा गया है कि अगर कोई फंड 6 या 1 साल में उम्मीद जितना रिटर्न न दें तो उसे बेकार मान लिया जाता है। म्यूचुअल फंड एसआईपी में धैर्य सबसे महत्वपूर्ण है।
2. बढ़ते खर्च
निवेशक शुरू में जोश में आकर बड़े अमाउंट में पैसा लगा तो देते हैं। लेकिन बाद में उनके बढ़ते खर्च निवेश पर भारी पड़ जाते हैं। ऐसे में उन्हें कुछ फंड की एसआईपी रोकनी पड़ जाती है। हम सैलरी के अनुसार एसाईपी में कितना निवेश करें, इसके लिए आप 50:30:20 फॉर्मूला का उपयोग कर सकते हैं।
50%- जरूरी खर्चों के लिए
30%- शौक या मनपसंद खर्च के लिए
20%- सेविंग या निवेश के लिए
3. बाजार में गिरावट
जब शेयर बाजार में लगातार गिरावट आती है, तो ऐसी स्थिति में निवेशकों के मन में डर बैठ जाता है। लेकिन ये समय निवेश के लिए सबसे बेहतर है। आप इस समय सामान्य निवेश रकम पर फंड की ज्यादा यूनिट खरीद सकते हैं। इसलिए बाजार के गिरावट की डर से एसआईपी से पैसे निकालना सही नहीं है।
4. SIP की अवधि पूरी होना
म्यूचुअल फंड एसाईपी में ज्यादातर निवेश 3, 5 और 7 साल के लिए ही निवेश करते हैं। निवेश अवधि व्यक्तिगत जरूरतों पर भी निर्भर करता है। निवेश अवधि पूरी होने के बाद इसे बढ़ाने के बारे में कम लोग ही सोच पाते हैं। क्योंकि उन्होंने इतने समय के लिए निवेश किसी उद्देश्य किया होता है। जैसे बच्चे की पढ़ाई, शादी इत्यादि
















