सरकार की उज्ज्वला योजना के तहत अब वित्त वर्ष 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 में केवल 4 एलपीजी सिलेंडर पर ही सब्सिडी मिलेगी। पहले यह सुविधा 9 सिलेंडर तक मिलती थी जिसमें कुल 2700 रुपये की सब्सिडी दी जाती थी। अब यह घटकर लगभग 1200 रुपये रह गई है। इस बदलाव का सीधा असर उन परिवारों पर पड़ेगा जो नियमित रूप से गैस सिलेंडर लेते हैं।
जुलाई में मिल सकता है आखिरी सब्सिडी सिलेंडर
अगर कोई उज्ज्वला लाभार्थी हर महीने एक सिलेंडर लेता है तो उसने अप्रैल, मई और जून में पहले ही सब्सिडी वाले सिलेंडर ले लिए होंगे। ऐसे में जुलाई में उसे इस वित्त वर्ष का आखिरी सब्सिडी वाला सिलेंडर मिल सकता है। इसके बाद अगले महीनों में उसे यह सुविधा नहीं मिलेगी। जिससे घरेलू खर्च बढ़ने की संभावना है।
अगस्त से बढ़ सकता है घरेलू खर्च
अगस्त 2026 से लाभार्थियों को एलपीजी सिलेंडर पूरी कीमत पर खरीदना होगा। अगर कीमतों में कोई बदलाव नहीं होता तो दिल्ली में घरेलू सिलेंडर लगभग 942 रुपये का मिलेगा। अभी उपभोक्ताओं को करीब 300 रुपये की सब्सिडी मिल रही है। सब्सिडी खत्म होने के बाद रसोई का मासिक खर्च बढ़ना तय माना जा रहा है।
देशभर में एलपीजी के मौजूदा रेट
03 जुलाई के अनुसार देश के अलग-अलग शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अलग हैं। लेह में घरेलू सिलेंडर 1196.5 रुपये और कमर्शियल 3594.50 रुपये है। जयपुर में 945.5 रुपये, लखनऊ में 979.50 रुपये और पटना में 1031.5 रुपये घरेलू सिलेंडर की कीमत है। कोलकाता, चेन्नई, इंदौर, रांची और देहरादून जैसे शहरों में भी अलग-अलग रेट दर्ज किए गए हैं।
कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव
19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में पिछले कुछ महीनों में लगातार बदलाव देखा गया है। मई में सबसे बड़ी बढ़ोतरी 993 रुपये की हुई थी जबकि जून और जुलाई में इसमें उतार-चढ़ाव जारी रहा। 1 जुलाई को इसमें 183.50 रुपये की कटौती भी हुई। साल की शुरुआत से अब तक कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी और कमी दोनों देखने को मिली हैं। जिससे व्यवसायिक उपयोगकर्ताओं पर असर पड़ा है।
















