जिले में वाहन सुरक्षा को और सुदृढ़ करने तथा चोरी व तस्करी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगवाना अनिवार्य कर दिया है।
विभाग ने साफ किया है कि जिन वाहनों में यह विशेष नंबर प्लेट नहीं लगी होगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए भारी जुर्माना लगाया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से जल्द ही सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। यह नंबर प्लेट वाहन की पहचान को अधिक सुरक्षित बनाती है और फर्जी नंबर प्लेट के इस्तेमाल पर भी प्रभावी रोक लगाती है।
1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत वाहनों पर भी लागू नियम
विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार, 1 अप्रैल 2019 से पहले रजिस्ट्रेशन कराए गए सभी वाहनों में भी एचएसआरपी लगवाना जरूरी है। इसके बिना वाहन की बिक्री या ट्रांसफर की प्रक्रिया में भी परेशानी आ सकती है।
नंबर प्लेट लगवाने का खर्च चालान की राशि के मुकाबले काफी कम है। जैसे—
- दोपहिया वाहनों में किटमेंट की लागत करीब 500 रुपये है, जबकि प्लेट न होने पर 1000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
- चार पहिया वाहनों में किटमेंट का खर्च लगभग 800 रुपये है, लेकिन बिना एचएसआरपी के चालान 5000 से 10,000 रुपये तक हो सकता है।
लगाए जाएंगे विशेष शिविर
विभाग ने बताया कि वर्तमान में किसान खेती और धान खरीदी में व्यस्त हैं। इसे देखते हुए फरवरी से ब्लॉक और ग्राम स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा और उनके क्षेत्र में ही नंबर प्लेट लगवाने की सुविधा दी जाएगी।
जिले में अब तक की स्थिति
जिले में कुल 1,78,677 वाहनों में एचएसआरपी लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। अप्रैल 2025 से शुरू हुए अभियान के तहत अब तक 25,420 वाहन मालिकों ने आवेदन किया है, जिनमें से 20,629 वाहनों में प्लेट लग चुकी है। अभी भी 1,58,048 वाहन ऐसे हैं जिनमें एचएसआरपी नहीं लगी है।
नंबर प्लेट टूटने या गुम होने पर प्रक्रिया
यदि एचएसआरपी नंबर प्लेट गिर जाती है या खराब हो जाती है, तो नई प्लेट प्राप्त करने के लिए वाहन मालिक को पहले थाने में गुमशुदगी या क्षति की रिपोर्ट दर्ज करानी होगी। इसके बाद ही दोबारा नंबर प्लेट जारी की जाएगी।
















