Kaun Banega Crorepati: छत्तीसगढ़ के भाटापारा के रहने वाले 23 वर्षीय योगेश साहू इन दिनों कौन बनेगा करोड़पति 18 में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। छोटे शहर से निकलकर IIT बॉम्बे तक पहुंचने वाले योगेश ने KBC की हॉट सीट पर भी अपनी शानदार समझ और सामान्य ज्ञान का परिचय दिया। उन्होंने शो में 50 लाख रुपये की रकम जीत ली, जबकि 1 करोड़ रुपये के सवाल तक भी पहुंचे।
योगेश की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने पढ़ाई और करियर में बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद अपने लिए अलग रास्ता चुना। IIT बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग करने वाले योगेश ने कैंपस प्लेसमेंट में मिलने वाला करीब 18 लाख रुपये का पैकेज ठुकरा दिया, क्योंकि उनका लक्ष्य UPSC की परीक्षा पास कर IAS अधिकारी बनना है।
भाटापारा से IIT बॉम्बे तक का सफर
योगेश साहू की सफलता की कहानी छत्तीसगढ़ के एक छोटे शहर भाटापारा से शुरू होकर देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में से एक IIT बॉम्बे तक पहुंची। योगेश पढ़ाई में शुरू से ही बेहद मेधावी रहे हैं। उन्होंने 10वीं कक्षा में प्रदेश में टॉप किया था।
इसके बाद उन्होंने IIT बॉम्बे में प्रवेश हासिल किया और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। यहां भी उनकी प्रतिभा का सिलसिला जारी रहा और वे अपने बैच के टॉ
18 लाख की नौकरी छोड़ी, UPSC को चुना
IIT बॉम्बे जैसे संस्थान से पढ़ाई पूरी करने के बाद योगेश के सामने अच्छी नौकरी का विकल्प था। कैंपस प्लेसमेंट में उन्हें करीब 18 लाख रुपये का पैकेज मिल रहा था। लेकिन योगेश ने इस ऑफर को स्वीकार नहीं किया।
उन्होंने अपने पिता से कहा कि यह नौकरी उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकती है, लेकिन अगर वे इसे स्वीकार करते हैं तो UPSC की तैयारी का उनका सपना पीछे छूट सकता है।
योगेश के पिता ड्राइवर हैं और उनकी आर्थिक स्थिति भी सीमित है। इसके बावजूद पिता ने बेटे के फैसले का समर्थन किया और उन्हें UPSC की तैयारी जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
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KBC में 50 लाख जीतकर बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान
KBC 18 में योगेश ने अपनी समझ और आत्मविश्वास के दम पर एक के बाद एक सवालों का जवाब दिया। 50 लाख रुपये के सवाल पर उन्हें शहरों और वर्षों से जुड़ी एक तालिका दी गई थी।
इस सवाल को हल करने के लिए योगेश ने अपनी आखिरी लाइफलाइन ‘संकेत सूचक’ का इस्तेमाल किया। संकेत मिलने के बाद उन्होंने सवाल के पीछे छिपे पैटर्न को समझा और सही जवाब तिरुचिरापल्ली चुना।
सही जवाब देने के बाद योगेश 50 लाख रुपये जीत गए। यह सवाल नोबेल पुरस्कार विजेताओं के जन्मस्थान और पुरस्कार जीतने के वर्ष से जुड़ा था। तिरुचिरापल्ली वैज्ञानिक सी.वी. रमन का जन्मस्थान है, जिन्हें 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला था
1 करोड़ के सवाल तक पहुंचे, लेकिन नहीं लिया रिस्क
50 लाख रुपये जीतने के बाद योगेश के सामने 1 करोड़ रुपये का सवाल आया। हालांकि इस पड़ाव पर उन्होंने जोखिम नहीं लिया और 50 लाख रुपये लेकर गेम क्विट कर दिया।
योगेश के लिए यह रकम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने खुद KBC में अपनी आर्थिक स्थिति और परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर बात की थी। उनके पिता ड्राइवर हैं और परिवार की आय सीमित है। योगेश ने बताया कि उनके कई दोस्त नौकरी करके कमाई शुरू कर चुके हैं, जबकि वे UPSC की तैयारी के कारण फिलहाल अपने परिवार की आर्थिक मदद नहीं कर पा रहे हैं।
KBC की जीत से उन्हें न सिर्फ आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि UPSC की तैयारी के दौरान परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव भी कुछ कम हो सकता है।
अब छत्तीसगढ़ के इस युवा का अगला लक्ष्य IAS
भाटापारा से निकलकर IIT बॉम्बे में टॉप करने और अब KBC में 50 लाख रुपये जीतने वाले योगेश साहू की मंजिल अभी पूरी नहीं हुई है। उनका अगला और सबसे बड़ा लक्ष्य UPSC पास करके IAS अधिकारी बनना है।
Kaun Banega Crorepatiयोगेश की कहानी छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खास तौर पर प्रेरणादायक है। सीमित आर्थिक संसाधनों वाले परिवार से निकलकर उन्होंने पहले प्रदेश में टॉप किया, फिर IIT बॉम्बे में जगह बनाई, वहां टॉपर बने और अब KBC की हॉट सीट पर 50 लाख रुपये जीतकर अपनी पहचान बनाई।
अब देखना होगा कि भाटापारा का यह होनहार युवा UPSC में भी अपनी सफलता की कहानी लिखकर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करता है या नहीं
















