रायगढ़। तमनार थाना क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में पुलिस ने प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी से जुड़े गिरोह के एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई से स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन प्लस कैप्सूल की अवैध बिक्री के नेटवर्क का एक और अहम सुराग पुलिस को मिला है।
मामले की शुरुआत 22 जनवरी 2026 को हुई थी, जब तमनार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक युवक बिना नंबर की बजाज पल्सर मोटरसाइकिल से लैलूंगा की ओर से मिलूपारा की तरफ प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल बिक्री के लिए ले जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मिलूपारा–दृकोड़केल मार्ग पर घेराबंदी कर संदिग्ध को रोका। पूछताछ में उसने अपना नाम निलमणी गुप्ता पिता स्व. प्रेमलाल गुप्ता (30 वर्ष), निवासी बिजना, थाना तमनार बताया।
एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत विधिवत तलाशी लेने पर मोटरसाइकिल के हैंडल के भीतर छिपाकर रखे गए 36 पत्ते स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन प्लस बरामद किए गए। प्रत्येक पत्ते में 8 कैप्सूल थे, इस तरह कुल 288 कैप्सूल जब्त किए गए।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि इनमें से 6 पत्ते उसके अपने थे, जबकि 30 पत्ते ग्राम लिबरा निवासी सुनील बेहरा के थे। उसने यह भी बताया कि सुनील बेहरा ने लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम राजपुर निवासी विकास यादव के फोनपे खाते में 6 हजार रुपये भेजकर ये कैप्सूल मंगवाए थे। इसके बाद इन्हें चोरी-छिपे नशे के लिए बेचने की योजना थी।
पुलिस ने मौके से लगभग 3,294 रुपये कीमत के कैप्सूल, घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की बजाज पल्सर एनएस 125 मोटरसाइकिल (कीमत करीब 95 हजार रुपये) और एक मोटोरोला मोबाइल फोन (कीमत लगभग 20 हजार रुपये) जब्त किया। कुल जब्ती की अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 18 हजार 284 रुपये बताई गई है।
इस मामले में थाना तमनार में धारा 21(सी) और 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत निलमणी गुप्ता, कैप्सूल मंगाने वाले सुनील बेहरा और सप्लायर विकास यादव के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। निलमणी गुप्ता को पहले ही न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।
विवेचना के दौरान फरार चल रहे आरोपी सुनील बेहरा पिता प्रेम सागर, निवासी ग्राम लिबरा को आज तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम के नेतृत्व में गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने निलमणी गुप्ता के साथ मिलकर प्रतिबंधित नशीली कैप्सूल मंगाकर क्षेत्र में बेचने की बात स्वीकार की। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, पुलिस अन्य आरोपी विकास यादव की तलाश में जुटी हुई है और पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई जारी
















