देश के सबसे व्यस्त एविएशन हब माने जाने वाले दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGIA) पर 2025 में यात्री संख्या में ठहराव देखने को मिला। COVID-19 महामारी और 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी के बाद यह तीसरा मौका है, जब IGIA के वार्षिक पैसेंजर ट्रैफिक में सालाना आधार पर कोई बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई।
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में IGIA से करीब 78 मिलियन यात्रियों ने सफर किया, जो 2024 के स्तर के लगभग समान रहा। यह स्थिति ऐसे समय सामने आई, जब देश के अधिकांश बड़े एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। 105 मिलियन से अधिक यात्रियों को संभालने की क्षमता होने के बावजूद, IGIA 2025 में 80 मिलियन का आंकड़ा छूने में भी जूझता नजर आया।
दिल्ली एयरपोर्ट पर मंदी के कारण
- रनवे और ऑपरेशनल दिक्कतें: मेंटेनेंस के कारण कई महीनों तक मुख्य रनवे बंद रहने से टेक-ऑफ और लैंडिंग क्षमता प्रभावित हुई। मई 2025 में उत्तर और मध्य भारत के 32 एयरपोर्ट के अस्थायी रूप से बंद होने से दिल्ली से आने-जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट्स पर भी असर पड़ा।
- एयरस्पेस पर पाबंदियां: पाकिस्तानी एयरस्पेस के भारतीय विमानों के लिए बंद होने के कारण खाड़ी और यूरोपीय देशों की फ्लाइट्स को लंबे रास्ते लेने पड़े। इससे फ्यूल की लागत बढ़ी और कई फ्लाइट्स कैंसिल या रीशेड्यूल करनी पड़ीं।
- एयरलाइन संकट: जून 2025 में एयर इंडिया के विमान हादसे के बाद फ्लाइट्स कम कर दी गईं। इस बीच, दिसंबर में इंडिगो के शेड्यूल में गड़बड़ी से दिल्ली एयरपोर्ट पर ट्रैफिक पर काफी असर पड़ा। चूंकि एयर इंडिया और इंडिगो दोनों के मुख्य ऑपरेशनल हब दिल्ली में हैं, इसलिए इसका सीधा असर IGIA के पैसेंजर ट्रैफिक पर पड़ा।
















